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बुखार से दो युवकों की मौत

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बुखार से चार की मौत
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अंबेहटा/नानौता/चिलकाना। जिले में बुखार का तांडव रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को भी दो युवक बुखार के चलते अकाल मौत का शिकार बन गए। इनमें अंबेहटा के फूलपुर और नानौता के बाबूपुरा में एक एक मौत हुई है। इनमें से एक युवक की शादी तो तीन माह पूर्व ही हुई थी। वहीं चिलकाना क्षेत्र में भी बुखार से एक 13 वर्षीय किशोरी सहित दो की मौत बुखार से हो गई।
अंबेहटा के फूलगढ़ गांव निवासी सुखविंद्र सिंह ने बताया कि उसके (32) वर्षीय भतीजे अवतार को तीन दिन पहले बुखार आने पर अंबेहटा में एक प्राइवेट चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया था। बृहस्पतिवार को हालत ज्यादा बिगड़ने पर चिकित्सक ने उसको जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। सुखविंद्र ने बताया कि जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने डेंगू की आशंका व्यक्त करते हुए अवतार को हायर सेंटर रैफर कर दिया। परिजन अवतार को लेकर जौली ग्रांट जा रहे थे कि रास्ते में ही अवतार ने दम तोड़ दिया। मृतक अवतार अपने परिवार में इकलौता बेटा था। अवतार पांच साल के बेटे और चार साल की बेटी का पिता था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नकुड़ के प्रभारी डा. अमन गोपाल का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। गांव में टीम भेजकर ग्रामीणों की जांच कराई जाएगी।
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नानौता गांव बाबूपुरा निवासी वैसर पंवार के 24 वर्षीय पुत्र अंसर पंवार कि पिछले एक सप्ताह से बुखार के कारण तबीयत खराब थी। परिजनों द्वारा पहले गांव में ही एक डॉक्टर के यहां उसका उपचार कराया गया। लेकिन तबीयत में कोई सुधार नहीं होने पर परिजन नानौता में एक चिकित्सक के पास ले गया। एक दिन दवाई खाने पर वहां भी कोई सुधार नहीं हुआ तो परिजन युवक को दिल्ली स्थित हायर सेंटर पर ले गए। यहां बीती देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक का तीन माह पूर्व ही विवाह हुआ था। गमगीन माहौल में युवक के शव को सुपुर्द ए खाक किया गया। सपा जिलाअध्यक्ष चौधरी रुद्रसेन और इंद्रसैन चौधरी शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। सीएचसी नानौता प्रभारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि मृतक के घर टीम भेज कर जांच कराई जाएगी।
चिलकाना के गांव पटना उर्फ नयाबांस निवासी इमरान उर्फ मान्नी की 13 वर्षीय पुत्री अफसा की बृहस्पतिवार देर रात बुखार से मौत हो गई। मान्नी ने बताया कि अफसा को दो दिन पहले बुखार आया था। उन्होंने पहले उसको निजी चिकित्सक को दिखाया, लेकिन बुखार में आराम न होने पर अफसा को वह सहारनपुर ले गए। सहारनपुर के चिकित्सकों ने भी उसे हालत को गंभीर देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन जब उसको हायर सेंटर ले जा रहे थे, तो देर शाम रास्ते में ही उसकी मौत हो गई है। गांव सीकरी खुर्द में बुखार से एक महिला की मौत हो गई। शमशीदा (55) पत्नी महमूद को तीन दिन से बुखार आया था। परिजनों ने उसको सहारनपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करा रखा था, वहां उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार दोपहर उसकी बुखार के चलते मौत हो गई। सीएचसी सरसावा प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि दोनों गांव में हुई मौत के बारे में जांच कराई जाएगी और गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों को दवाइयां वितरित की जाएगी।
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मिर्जापुर के हर घर में बुखार पीड़ित
बड़गांव के मिर्जापुर में भी बुखार का प्रकोप व्याप्त है। यहां हर घर में बुखार का रोगी है। गांव निवासी बेदपाल, कमलेश, उनका पुत्र सतीश, पोते प्रिंस, हर्ष व शक्ति, नीलम पत्नि मनोज, सविता पत्नि दारा, मांगेराम के दोनों पुत्र अजय एवं आदित्य, सतीश लाला के घर के सभी नौ सदस्य, रिषीपाल अडवानी एवं उसके दो पोते, हिमांशु शर्मा का पूरा परिवार, प्रीति पुत्री सुभाष, जसपाल और शेरपाल का पूरा परिवार, अनुसूचित बस्ती निवासी निवासी सचिन, रिषीपाल, काक्का, सोमपाल, मेमता सहित सौ से भी ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं। बेदपाल सिंह एवं सतीश ने बताया कि निजी पैथालाजी पर जांच में डेंगू के लक्षण आए थे लेकिन स्वास्थ्य विभाग मानने को तैयार नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की रामपुर मनिहारान अस्पताल से एक टीम आई थी जो कुछ लोगों के खून की स्लाइड बनाकर ले गई थी। उसके बाद आज तक चिकित्सकों ने गांव में आकर पीड़ितों की सुध नहीं ली। प्रधान काले सिंह कहते हैं कि उन्होंने कई बार चिकित्सा विभाग को सूचना दी है लेकिन कोई नहीं पहुंचा। अब वे एसडीएम से मिल कर गांव में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग करेंगे।
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