सहारनपुर। सीबीएसई के बाद अब यूपी बोर्ड की भी 12वीं की परीक्षाएं निरस्त कर दी गई है। परीक्षाएं निरस्त होने से जनपद में यूपी बोर्ड के 35234 विद्यार्थी प्रभावित होंगे, जिन्हें प्री बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम के आधार पर प्रोन्नति दी जाएगी। परीक्षाएं निरस्त होने को लेकर विद्यार्थियों की अलग-अलग राय सामने आई है। जिनकी तैयारी नहीं थी वह परीक्षाएं निरस्त होने से खुश हैं, जबकि जो विद्यार्थी साल भर से तैयारी में जुटे थे और आईआईटी या फिर मेडिकल में दाखिले का सपना देख रहे हैं उन्हें झटका लगा है। शिक्षक सरकार के फैसले के साथ हैं। पेश है शिक्षकों और छात्रों से बातचीत पर आधारित रिपोर्ट...
शिक्षक बोले, सरकार का निर्णय सही
बीडी बाजोरिया इंटर कॉलेज के नागरिक शास्त्र विषय के प्रवक्ता सुधीर कुमार ने परीक्षाएं निरस्त करने के निर्णय को सही ठहराया है। उनका कहना है कि भले ही इससे इंजीनियरिंग और मेडिकल में एडमिशन लेने की तैयारी में जुटे छात्रों को नुकसान हो, मगर सबसे पहले जिंदगी है।
एसएएम इंटर कॉलेज के भूगोल प्रवक्ता ब्रिजेश पुंडीर का कहना है कि सरकार ने जो भी निर्णय लिया है वह सोच समझकर ही लिया है। चूंकि कोरोना महामारी का समय है। ऐसे में बच्चों की जिंदगी को सुरक्षित रखना पहली जिम्मेदारी है।
आर्य कन्या इंटर कॉलेज की प्रवक्ता ऊषा का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर ने भय पैदा किया है। नतीजा सरकार को परीक्षाएं निरस्त करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। ऐसे में निर्णय को सही या गलत ठहराना जल्दबाजी होगा।
छात्रों की प्रतिक्रिया
12वीं के छात्र अमान ने परीक्षाएं निरस्त करने के निर्णय को सही बताया है। उनका कहना है कि कोरोना की वजह से पढ़ाई बंद है। ऐसे में ज्यादातर छात्रों की तैयारी भी पूरी नहीं है।
हर्षवर्धन का कहना है कि परीक्षाएं होनी चाहिए थीं, क्योंकि उसने और उसके जैसे अनेक विद्यार्थियों ने कड़ी मेहनत की हुई है और कर रहे हैं। परीक्षाएं कराने के कई विकल्प हो सकते थे।
स्नातक में दाखिले को रहेगी मारामारी
सहारनपुर। यूपी बोर्ड में इस बार 12वीं के 35234 विद्यार्थी प्रोन्नत होंगे, जबकि सीबीएसई में करीब 8000 और आईसीएसई बोर्ड में करीब 200 विद्यार्थी प्रोन्नत होने हैं। इस हिसाब से 43 हजार से अधिक विद्यार्थी प्रोन्नत होकर स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए कतार में होंगे, जबकि जनपद के राजकीय और एडेड महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम वर्ष की सीटों की कुल संख्या 5420 है। ऐेसे में करीब 38 हजार विद्यार्थियों को निजी उच्च शिक्षण संस्थाओं में दाखिला लेना होगा। या फिर दाखिले के लिए जिले से बाहर जाना होगा।
राजकीय और एडेड महाविद्यालयों में सीट
विद्यालय ----- बीए ------ बीकॉम ----- बीएससी
राजकीय ------- 420 ------- 300 -------- 720
एडेड ---------- 1940 ------ 480 -------- 1560
निजी शिक्षण संस्थाएं
जनपद में दो विश्वविद्यालय, ग्लोकल विश्वविद्यालय मिर्जापुर पोल और शोभित विश्वविद्यालय गंगोह हैं। इनके अलावा 32 निजी कॉलेज भी हैं। चूंकि यह सभी निजी शिक्षण संस्थाएं हैं। ऐसे में विद्यार्थी इन कॉलेजों को राजकीय और एडेड कॉलेजों के बाद निजी शिक्षण संस्थाओं में दाखिले की सोचते हैं।
यमुनानगर पहली पसंद
जनपद में स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिले से वंचित रहने वाले विद्यार्थियों की पहली पसंद यमुनानगर होता है। यमुनानगर हरियाणा का सीमांत जिला है, जिसकी सीमा सहारनपुर से मिली हुई है। यमुनानगर में उच्च शिक्षा के लिहाज से काफी कॉलेज हैं। चूंकि सहारनपुर से यमुनानगर के लिए दिन में कई रेलगाड़ियों की आवाजाही रहती है। ऐसे में विद्यार्थी यमुनानगर के कॉलेजों को प्राथमिकता देते हैं। उसके बाद मेरठ और दिल्ली आदि का रुख करते हैं।