सहारनपुर। कैराना लोकसभा सीट पर सपा नेताओं की अंदरूनी कलह सामने आने लगी है। इस सीट पर बेटे के लिए टिकट की दावेदारी करने वाली दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री रहीं वरिष्ठ सपा नेता शगुफ्ता खान ने कहा है कि वह गठबंधन प्रत्याशी तबस्सुम हसन के लिए चुनाव प्रचार नहीं करेंगी। पार्टी हाईकमान यदि कैराना को छोड़कर अन्य किसी भी लोकसभा सीट पर गठबंधन प्रत्याशियों के लिए प्रचार करने की जिम्मेदारी देगा, तो उसे निभाएंगी।
मंगलवार को अंबाला रोड स्थित अपने आवास पर समर्थकों के साथ बैठक कर शगुफ्ता खान ने राय जानी। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कार्यकर्ताओं ने गठबंधन प्रत्याशी तबस्सुम हसन का समर्थन नहीं करने की बात कही है। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं में तबस्सुम हसन को लेकर रोष है। उन्होंने बताया कि जब संसद में तीन तलाक पर शरीयत पर हमला बोला जा रहा था, तब अकेली मुस्लिम महिला सांसद होने के बावजूद वह चुप्पी साधे रहीं। उनका यह भी कहना था कि तबस्सुम हसन ने उपचुनाव जीतने के बाद नकुड़ आकर कार्यकर्ताओं का आभार तक व्यक्त नहीं किया, जिससे उनके आत्म सम्मान को ठेस लगी।
शगुफ्ता खान ने कहा कि वह और कार्यकर्ता कैराना सीट पर चुनाव प्रचार नहीं करेंगे, लेकिन पार्टी की सच्ची सिपाही होने के नाते प्रदेश की किसी भी सीट पर प्रचार करने के लिए तैयार हैं। उनकी प्राथमिकता सहारनपुर सीट रहेगी। पार्टी में बगावत करने और पार्टी छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम समाजवादी हैं और रहेंगे। इस दौरान साहिल खान, श्रवण जिंदल, योगेश बंसल, दिग्विजय जैन, चौधरी रूहेल हसन, चौधरी अख्तर, चौधरी जसवीर, अरसलान खान, जावेद खान, दिलदार खान, शबाना सिद्दीकी, राव जीशान और अलताफ कुरैशी आदि मौजूद रहे।