सहारनपुर। शहर में ऐसे बहुत से स्थान हैं, जहां दिन की शुरुआत चाय की चुस्कियों के साथ चुनावी चर्चा से होती है। वहां लोग आते हैं, चाय पीते -पीते राजनीतिक दलों की गतिविधियों के साथ ही देश दुनिया के घटनाक्रमों पर चर्चा करते हैं। इन्हीं स्थानों में से एक है घंटाघर के पास प्रभात सिनेमा का कैफे। वहां किसी एक राजनीतिक दल के लोग नहीं, बल्कि अलग अलग विचारधारा के लोग एक साथ बैठते हैं। मौजूदा दौर लोकसभा चुनाव का चल रहा है, जिस कारण यहां चुनावी चर्चा और दिलचस्प हो गई है। कोई भाजपा को चुनाव में मजबूत बताता है, तो कोई गठबंधन और कांग्रेस को। सबके अपने अलग तर्क हैं। पेश है वहां होने वाली चर्चा।
गांव धोलपड़ा निवासी सईद अहमद कह रहे थे कि इस बार कांग्रेस प्रत्याशी को कोई नहीं हरा पाएगा। क्योंकि, यही ऐसा प्रत्याशी जो जनता के दुख-दर्द को जानता है और वायदों को पूरा करने में सक्षम है। इसी बीच कोर्ट रोड निवासी सलीम डोनेड ने कहा कि भाजपा के सामने कोई नहीं टिकने वाला है। गठबंधन को तो हवा ही नहीं आएगी। भाजपा और उनके सांसद ने जो वायदे किए थे, उन्हें एक-एक करके पूरा कर दिया है। जनता फिर से भाजपा को ही जिताने जा रही है। इसी दौरान दुर्गापुरी कॉलोनी निवासी संजय शर्मा बोले कि दो दशक से भी ज्यादा समय से सहारनपुर शहर ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण से जूझ रहा है। भाजपा इस समस्या के समाधान को चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करती है, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हो सका, जबकि शहर से कई बार भाजपा के विधायक भी रह चुके हैं और अब सरकार भी भाजपा की है। सहारनपुर स्मार्ट सिटी में शामिल तो हुआ, लेकिन इस परियोजना पर काम शून्य ही रहा। इसी बीच गांव देवला निवासी पप्पू भाई तपाक से कहते हैं कि भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी में दम नहीं है कि वह जनता की समस्याओं का समाधान करा सकें। सिर्फ बसपा, सपा और रालोद गठबंधन उम्मीदवार ऐसा है, जो जनता के दुख-सुख में साथ खड़ा रहेगा। इस बार गठबंधन के सामने कोई टिकने वाला नहीं है।