महर्षि दयानंद बोधोत्सव के रूप में मनाई महाशिवरात्रि
सहारनपुर। बेरीबाग स्थित मोक्षायतन अंतरराष्ट्रीय योगाश्रम में महाशिवरात्रि का पर्व महर्षि दयानंद बोधोत्सव के रूप में मनाया गया। इस दौरान योग गुरु पद्मश्री भारत भूषण ने भगवान शिव के विभिन्न रूपों और उनके महत्व की जानकारी दी।
तड़के पांच बजे से शुरू हुए अनूठे कार्यक्रम में योग गुरु पद्मश्री स्वामी डॉ. भारत भूषण ने कहा कि जागृति का एक पल होता है, लेकिन उस पल का इंतजार मत करो, बल्कि निरंतर साधना करो। उन्होंने योगिराज शिव (कल्याणकारी) को स्वयंभू यानी शंभू (अजन्मा), शंकर (शमन करने वाला) और लिंग (लक्षण के द्वारा पाया जाने वाला) बताया। साथ ही शिव के गरलकंठ, भोला, भंडारी व भूतनाथ आदि अनेक रूपों की व्याख्या करते हुए उन्हें राम, रावण व सभी के देवाधिदेव महादेव बताया। उन्होंने कहा कि लुब्धक और महर्षि दयानंद सरीखों ने आज ही के दिन शिव की कृपा से सर्वोच्च स्थिति को सच्ची श्रृद्धा व तप के बल पर प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि समाज को भ्रांतियों व सामाजिक कुरीतियों से उबार कर स्वाधीन बनाने वाला वैदिक ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश भी वितरित किया गया। इस मौके पर एनके शर्मा, देवेंद्र बंसल, सुभाष वर्मा, डॉ. पूनम शर्मा, पुलिस उपाधीक्षक विद्यार्णव शर्मा, पूनम वर्मा, योगाचार्य अनीता शर्मा, सीमा गुप्ता, शुभम धवन, डॉ. आयुष धवन, अमरनाथ, प्रदीप कांबोज, पुरू वर्मा, विजय सुखीजा, रोक्सी सिंह, खुशबू, स्वामी आनंद विकल आदि मौजूद रहे।