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हर दिन होगी गोवंशीय पशुओं के स्वास्थ्य की जांच

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गो आश्रय स्थलों में हर दिन होगी गोवंशीय पशुओं के स्वास्थ्य की जांच
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सहारनपुर। गो आश्रय स्थलों में रहने वाले गोवंशीय के स्वास्थ्य की प्रत्येक दिन जांच होगी। इतना ही नहीं, एक-एक गोवंश के स्वास्थ्य का हाल भी प्रतिदिन रजिस्टर में दर्ज होगा ताकि बीमार गोवंश को आवश्यक उपचार दिया जा सके। नवादा क्षेत्र में बने गो आश्रय स्थल पर नगर निगम ने एक पशु चिकित्सक तैनात भी कर दिया है।
राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जिले में 11 नए अस्थाई गोआश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं। इनका शिलान्यास प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बीते एक मार्च को किया है। नगर क्षेत्र में नवादा रोड पर गो आश्रय स्थल बनाया गया है। इसमें काफी संख्या में गोवंश छोड़ा गया है। चूंकि गो आश्रय स्थलों की मानीटरिंग खुद मुख्यमंत्री कार्यालय के द्वारा की जा रही है। ऐसे में प्रशासन गो आश्रय स्थलों और उनमें रह रहे गोवंश को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। नवादा रोड स्थित गो आश्रय स्थल में रह रहे एक-एक गोवंश के स्वास्थ्य की प्रतिदिन जांच होगी। इसके लिए नगर निगम ने गोआश्रय स्थल पर एक पशु चिकित्सक तैनात किया है। नगरायुक्त ने चिकित्सक को प्रतिदिन एक-एक गोवंश के स्वास्थ्य की जांच कर रजिस्टर में दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इससे यदि कोई गोवंश बीमार हो तो उसका समय से इलाज किया जा सके।
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पहले हो चुके हैं हादसे
नगर स्थित एक गोशाला में कुछ वर्ष पहले बड़ी संख्या में गोवंशीय पशुओं की मौत हो गई थी। इससे गोशाला प्रबंधन में हड़कंप मच गया था। मामला कई दिन तक चर्चाओं में रहा था। हालांकि घटना के बाद से गोशाला में भी काफी सतर्कता बरती जा रही है। अब गोवंश संरक्षण सरकार की प्राथमिकता में है। ऐसे में प्रशासन भी अपने स्तर से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता है।
अभी तक सड़कों पर भटक रहे गोवंशीय पशु
गोवंश की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है। मगर सुप्रीम कोर्ट के आदेश काफी पहले से हैं। इनमें सड़कों पर मंडराने वाले गोवंशीय पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में छोड़ने की बात कही गई है। गौरतलब है कि सड़कों पर मंडराने वाले गोवंश कई बार राहगीरों की जान आफत में डाल चुके हैं। नगर निगम सहारनपुर भी कई बार गोवंश स्वामियों को सड़कों पर न छोड़ने की हिदायत दे चुका है। कार्रवाई करने की चेतावनी तक दे चुका मगर अभी भी बड़ी संख्या में गोवंशीय पशुओं को सड़कों पर भटकते और कूड़े के ढेर पर लगे देखा जा सकता है।
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नवादा रोड स्थित गो आश्रय स्थल पर हमने एक पशु चिकित्सक की तैनाती की है, जिससे बीमार गोवंश का समय से उपचार किया जा सके। गोआश्रय स्थल पर एक रजिस्टर भी रखा गया है, जिसमें चिकित्सक को प्रतिदिन एक-एक गोवंश के स्वास्थ्य का हाल दर्ज करना होगा। -- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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