जलसे में आठ तलबा की दस्तारबंदी हुई
गंगोह (सहारनपुर)। सोमवार रात जामिया इस्लामिया असअदुल उलूम मैनपुरा में जलसे का आयोजन किया गया जिसमें 8 तालिबे इल्मों की दस्तारबंदी की गई। इस मौके पर उलमाओं ने कुरान-ए-पाक की फजीलत बयान किया।
गांव मैनपुरा स्थित मदरसा जामिया इस्लामिया असअदुल उलूम में सोमवार रात जलसे का आयोजन किया। जलसे की सदारत कर रहे इंग्लैंड से आये मुख्य अतिथि मुफ्ती शौकत ने कुरान मजीद की फजीलत बयान करते हुए कुरान पाक के बताए हुए रास्तों पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने बच्चों को दीन के साथ दुनियावी तालीम हासिल करने की बात कही। जलसे में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी कुरआन पाक की फजीलत बयान करते हुए कहा कि इस्लाम कभी किसी पर जुल्म करने की इजाजत नही देता। हाल ही में हुए सेना के जवानों पर हमले पर कुछ लोग इस्लाम को दहशतगर्दी के नाम पर बदनाम कर रहे हैं। कहा कि जो नाहक किसी पर जुल्म करें वह मुसलमान हो ही नही सकता। जलसे में 8 हाफिज ए कुरान तलबा की दस्तारबंदी की गई। फुलत से आए मौलाना कलीम सिद्दीकी, इंग्लैंड से आये मुफ्ती शौकत, गंगोह से मौलाना सलमान, यमुनानगर से मौलाना अलीहसन मजाहिरी, नलहेड़ा से सूफी मुईनुद्दीन, सहारनपुर मजहीरुल उलूम से मुफ्ती जावेद, टिड़ोली से मौलाना आमिर ने संयुक्त रूप से हाफिज-ए-कुरआन बने छात्रों को दस्तार बांध कर उनकी हौसला अफजाई की। बच्चों को नकद इनाम ओर शील्ड भी दी गई। निजामत मुफ्ती जावेद मजाहिरी ने की। मदरसे के मोहतमिम मौलाना इमरान मजाहिरी ने मेहमानों का शुक्रिया अदा किया। मौलाना कलीम सिद्दीकी की दुआ पर जलसा संपन्न हुआ।