बैंकों की हड़ताल से परेशान रहे ग्राहक
सहारनपुर। बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक के प्रस्तावित विलय के विरोध में बुधवार को जनपद में बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिससे ग्राहकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हड़ताल की वजह से करीब 250 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित होने का अनुमान है। बैंक कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के नेतृत्व में बैंक कर्मचारियों ने रेलवे रोड स्थित एसबीआई की शाखा के बाहर प्रदर्शन किया। यूएफबीयू के सहसंयोजक संजय शर्मा ने कहा कि बैंकों के विलय से कोई लाभ नहीं होने वाला है। इससे ग्राहकों और बैंक कर्मचारियों की परेशानी बढ़ जाएगी। इसी के विरोध में पूरे देश में बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल रखकर विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह फैसला वापस लेना होगा। यूपीबीईयू अध्यक्ष राजीव कुमार और यूपीबीयू के संयुक्त सचिव प्रदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि बैंकों के विलय से जहां एक तरफ बेरोजगारी बढ़ेगी, वहीं सरकार की योजनाओं को लागू करने में भी दिक्कत आएगी। वर्तमान में बैंकिंग उद्योग की सबसे बड़ी समस्या ऋणों को वसूल करना है, लेकिन सरकार इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रही है। सरकार ने अगर मांगों पर दोबारा विचार न किया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
इस दौरान अमित जैन, प्रदीप शर्मा, नवनीत कुमार, अमित बौद्घ, बलदेव राज कुमार, सुरेंद्र कुमार, जेके जैन, राहुल कपिल, नीरज रस्तौगी, केके गुप्ता, महेंद्र सिंह, ओपी शिवा, अरुण बंसल, सुधीर जैन, बीएल आहलुवालिया, ब्रिजेश कुुमार, रतिराम गौतम, नवीन गुप्ता, राकेश जैन, यशपाल सिंह राठी, अतुल सिंघल मौजूद रहे। वहीं, नगर के सपा विधायक संजय गर्ग ने धरनास्थल पर पहुंचकर हड़ताल का समर्थन किया। उन्होंने भाजपा सरकार को जनता की विरोधी पार्टी करार दिया। लीड बैंक मैनेजर राजेश चौधरी ने बताया कि हड़ताल से जनपद में 250 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है।