सहारनपुर। शासन ने कारागारों में कैंटीन की व्यवस्था दुरुस्त करने का आदेश दिया है तथा कैंटीन में 20 प्रकार के उत्पाद की बिक्री करने को कहा है। साथ ही खुले में बिक्री होने वाली खाद्य सामग्री पर रोक लगा दी गई है। इसी लिहाज से सहारनपुर जिला कारागार की कैंटीन में समोसे और पकौड़े की बिक्री बंद कर दी गई है।
इस आशय का शासनादेश दो दिन पूर्व ही प्रमुख सचिव अरविंद कुमार की तरफ से जारी किया गया, जिसके अनुपालन के लिए एडीजी (कारागार) को निर्देश दिए गए कारागार की कैंटीन में समोसे-पकौडे़, रसगुल्ला सहित 13 खाद्य पदार्थ की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है तथा पैकिंग वाले उत्पाद की बिक्री का निर्देश दिया है। कारागार की कैंटीन में 20 प्रकार की वस्तुओं की बिक्री की जा सकेगी। जिसमें पैकिंग वाला दूध, बिस्किट, टूथपेस्ट/पाउडर, चना, हेयर ऑयल, बूट-पॉलिश, कच्छा व बनियान, तौलिया, रुमाल, मौजे, चप्पल-जूते और मच्छर मारने की क्वायल की बिक्री की जा सकेगी।
सहारनपुर जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डाक्टर वीरेशराज शर्मा ने बताया कि कारागार की कैंटीन में समोसे और पकौड़े की बिक्री बंद करा दी गई है। शासन के आदेशों का पालन कराया जा रहा है। गाइडलाइन के मुताबिक कैंटीन में उत्पादों की बिक्री कराई जाएगी।
बाहर से सामान ले जाने पर भी लगेगा अंकुश
कारागार में रहने वाले बंदियों से मुलाकात करने के दौरान परिवार के लोग बंदी की जरूरत के सामान भी ले जाते थे। इस कारण तमाम सवाल उठते थे और कारागारों के औचक निरीक्षण के खामियां मिलती थीं। अब शासन ने कारागार की कैंटीन में जरूरत के सभी सामान बिक्री की अनुमति दी है, जिससे बाहर से जाने वाले सामान पर भी रोक लग जाएगी।