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पॉलीथिन के खिलाफ रैली

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सहारनपुर। पॉलीथिन पर बैन के समर्थन में महापौर और नगरायुक्त के नेतृत्व में शहर में जन जागरूकता रैली निकाली गई। इसमें अनेक पार्षदों और व्यापारियों ने प्रतिभाग किया। महापौर और नगरायुक्त ने स्वेच्छा से पॉलीथिन का बहिष्कार करने की अपील नगर की जनता से की।
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शुक्रवार की शाम पांच बजे महापौर संजीव वालिया और नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह के नेतृत्व में अनेक पार्षद, व्यापारी और शहर के गणमान्य लोग शहीदे आजम भगत सिंह चौक पुल खुमरान पर इकट्ठा हुए। यहां से वह जन जागरूकता रैली लेकर निकले, जिसमें पॉलीथिन का इस्तेमाल बंद करने के नारे लग रहे थे। रैली घंटाघर पर पहुंचकर खत्म हुई। महापौर संजीव वालिया ने कहा कि पॉलीथिन और प्लास्टिक से बने चाय के कप और गिलास मानव के स्वास्थ्य पर खतरनाक असर डाल रहे हैं। साथ ही प्रकृति के लिए भी यह हानिकारक हैं। कोर्ट के साथ ही शासन ने भी 15 जुलाई से पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। सख्ती करने की बजाय नगर निगम लोगों से अपील करता है कि वह पॉलीथिन के नुकसान को समझते हुए खुद ही इसका इस्तेमाल बंद करें। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने भी अपनी आने वाली पीढ़ियों को बेहतर कल देने के लिए पॉलीथिन का त्याग करने की अपीी नगरवासियों से की।
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प्रोडक्शन पर भी पाबंदी लगाई जाए: विधायक
नगर विधायक संजय गर्ग ने बताया कि पॉलीथिन पर बैन का मुद्दा सबसे पहले उन्होंने 27 जुलाई 1999 में विधान सभा में उठाया था। इसके बाद एक मई 2001 में पुन: विधान सभा में इस मुद्दे को उठाते हुए पॉलीथिन को बैन करने के लिए कदम उठाने की मांग की गई थी। इसके बाद ही कूड़ा कचरा अधिनियम बनाया गया। पहले 20 और उसके बाद 25 माइक्रोन से नीचे की पॉलीथिन बैन की गई थी। मगर अब 50 माइक्रॉन से नीचे की पालीथिन को बैन किया गया है। उन्होंने बताया कि पॉलीथिन पर बैन पहले से है, मगर सरकारें इसे लागू नहीं करा सकीं। उन्होंने लोगों से पॉलीथिन को त्यागने की अपील करने के साथ ही प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रोडक्शन भी बंद कराने की मांग शासन और प्रशासन से की है।
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