सहारनपुर। गन्ने की फसल में लगने वाले टॉप बोरर के नियंत्रण में ट्राइकोग्रामा कार्ड कारगर साबित हो रहा है। इस कार्ड में ट्राइकोग्रामा परजीवी कीट के अंडे होते हैं। जो वयस्क होकर टॉप बोरर के अंडों को खाकर नष्ट कर देते हैं। इसे गन्ने की पत्तियों के नीचे लगाया जाता है। जिससे ये सीधे धूप के संपर्क में ना आ सकें।
गन्ने की नई फसल इस समय टॉप बोरर कीट की चपेट में हैं। इसके कीट बहुत ही छोटे होते हैं, जो पौधे की गोभ को काट देते हैं। जिसके चलते गोभ सूख जाती है। सूखी हुई गोभ को निकालने पर इसमें से सिरके जैसी गंध आती है। जिससे पौधे की बढ़वार प्रभावित होती है। केवीके के प्रभारी और फसल सुरक्षा विभाग के सह निदेशक डॉ. आईके कुशवाहा ने बताया कि टॉप बोरर को नियंत्रित करने में ट्राइकोग्रामा कार्ड कारगर साबित हो रहा है। इस कार्ड में दस हिस्से होते हैं और एक कार्ड तीन बीघा फसल के लिए पर्याप्त होता है। इस कार्ड पर ट्राइकोग्रामा परजीवी कीट के अंडे लगे होते हैं। इसको गन्ने की पत्तियों के नीचे लगाने के तीन दिन बाद ही इसमें से निकलने वाले परजीवी के वयस्क खेत में फैल जाते हैं। यह वयस्क टॉप बोरर कीट के अंडों को अपना आहार बनाते हैं। जिसके चलते हानिकारक कीट नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्ड को लगाने से सात दिन पहले प्रभावित खेत में किसी कीटनाशक रसायन का छिड़काव नहीं होना चाहिए और इसको गन्ने की पत्तियों के नीचे स्टेपल कर देना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस कार्ड का प्रयोग टॉप बोरर की रोकथाम के लिए मुफीद है।