सहारनपुर। आज राष्ट्रीय डेंगू दिवस है। जिसे ‘संयुक्त प्रयास उत्तर प्रदेश सरकार’ के नाम से मनाया जा रहा है। डेंगू ऐसी बीमारी, जो इंसान की जान भी ले सकती है। ऐसे में जरूरी है कि डेंगू के बारे में लोग जागरूक हों। विशेषज्ञों की मानें तो डेंगू होने के बाद कोई गारंटी नहीं है कि मरीज बच ही जाए, मगर यदि हम सावधानी बरतें तो डेंगू के मच्छर को पनपने से रोका जा सकता है।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी बताते हैं कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है। खास बात यह है कि यह मच्छर दिन में काटता है। ऐसे में हमें चाहिए कि अपने घरों और दफ्तरों के आसपास पानी जमा न होने दें। छतों पर रखे टायर, खाली डिब्बों और कनस्तर आदि को बरसात में हटा दें। गड्ढों और नालियों में जमा पानी को पहले तो जमा ही न होने दें। यदि ऐसा न कर सकें तो पानी में मिट्टी का तेल या डीजल की कुछ बूंदें डाल दें। इससे मच्छर खत्म हो जाएगा। साथ फुल बाजू के कपड़े पहनें, रात में सोते समय मच्छर दानी का इस्तेमाल करें। मच्छरों को मारने के लिए बाजार में अनेक उत्पाद हैं, जिनका इस्तेमाल करें। उन्होंने बताया कि डेंगू होने के बाद उसका इलाज करने से बेहतर है कि हम डेंगू के मच्छर को पनपने ही न दें। साथ ही घरों में रखे जाने वाले आर्टीफीशियल गमलों आदि में पानी न रखने की भी सलाह दी। उन्होंने डेंगू के मच्छर के खात्मे के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत बताई।
स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में पिछले वर्ष जनपद में डेंगू के 30 मामले सामने आए थे। इस बार आंकड़े केे बढ़ने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग अनेक कदम उठा रहा है। एसबीडी जिला अस्पताल में सैपरेट आइसोलेटेड वार्ड बनाया गया है, जिसमें 15 बेड की व्यवस्था है। इसमें महिला मरीजों के लिए अलग और पुरुष मरीजों के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है। 12 मई को डीएम की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को डेंगू की रोकथाम के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। उधर, गंगोह विकास क्षेत्र बीमारियां फैलने के मामले में काफी संवेदनशील है, जहां कोई भी बीमारी जनपद में सबसे पहले अटैक करती है। वहां भी सीएससी पर डेंगू मरीजों के लिए अलग से वार्ड की व्यवस्था की गई है। सीएससी प्रभारी डॉ. अनवर अंसारी ने बताया कि वह स्कूलों में कार्यक्रम कर और रैलियां निकालकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग जन जागरूकता अभियान शुरू कर रहा है। डेंगू के मच्छर को पनपने से रोकने के लिए हमारी टीमें सरकारी विभागों में रखे कूलर आदि की जांच करेगी। जिस भी विभाग में जमा पानी में लार्वा पाया जाता है उस पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। इसके अलावा जिला अस्पताल और सभी सीएचसी और पीएचसी में पर्याप्त दवाएं और सुविधाएं मौजूद हैं। कोशिश यही है कि डेंगू को फैलने से रोका जा सके।
डॉ. शिवांका गौड़, संयोजक, वेक्टर बॉर्न डिजीज कार्यक्रम/जिला मलेरिया अधिकारी।