सहारनपुर। मंडलायुक्त ने अवैध खनन को लेकर जिलाधिकारी के आदेश के खिलाफ दायर की गई तीस याचिकाओं को बृहस्पतिवार को सुनवाई के बाद बलहीन बताकर खारिज कर दिया। क्रेशर मालिक और पट्टेदार अब शासन में जाने की तैयारी में है।
भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय के निदेशक के आदेश पर 21 जुलाई 2015 को अवैध खनन के आंकलन को विशेषज्ञ दल का गठन किया गया था। दल ने जांच कर विस्तृत रिपोर्ट दी थी, जिसके आधार पर पट्टेधारको से स्पष्टीकरण मांगा गया था। उसके बाद प्रशासन द्वारा इस मामले में अलग से जांच कराई गई थी। 19 जुलाई 2017 में जिलाधिकारी पीके पांडेय ने सुनवाई के बाद पट्टा धारकों का पट्टा क्षेत्र से बाहर अवैध खनन करने के आरोप में करोड़ों का जुर्माना किया था। इनमें पट्टेदारों के साथ क्रेशर मालिक भी थे। डीएम के आदेश के खिलाफ पट्टेदारों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी, मगर उन्हें नियमानुसार मंडलायुक्त के यहां अपील करने की बात कहकर वापस लौटा दिया था, तब से यह अपील मंडलायुक्त कोर्ट में विचाराधीन थी। कमिश्नर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी ने सुनवाई के बाद बृहस्पतिवार को इन अपीलों को खारिज कर दिया। पट्टेदारों का कहना है कि प्रशासन ने अवैध खनन न होने का हवाला देते हुए पहले इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट लगा दी गई थी। बाद में नए सिरे से इसकी जांच हुई, जिसमें उनके खिलाफ आदेश हुआ। उन्होंने बताया कि फैसले के खिलाफ अब वह शासन में अपील करेंगे।