सहारनपुर। अवैध निर्माणों पर विकास प्राधिकरण अधिकारियों की चुप्पी से अब उनकी मंशा पर सवाल उठने लगे हैं। छोटे अवैध निर्माणों पर ध्वस्तीकरण तक की कार्रवाई कर कागजी खानापूर्ति में जुटा एसडीए बड़े अवैध निर्माणों पर मेहरबान बना हुआ है। कुछ दिन पहले पैरामाउंट कालोनी में दो बड़े कामर्शियल निर्माणों के खिलाफ अखबार में विज्ञापन भी जारी किया। मगर, यहां धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी हैं।
करीब 20 साल से स्थापित सहारनपुर विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली लगातार शक के दायरे में है। शहर में चौतरफा अवैध रूप से कॉलोनियां काटी जा रही हैं। अवैध निर्माणों की कोई गिनती नहीं है। प्राधिकरण केवल छोटे अवैध निर्माणों पर जेसीबी चलवाकर अपनी छवि सुधारने का प्रयास करता रहा है, मगर शहर में भी धड़ल्ले से हो रहे बड़े और कामर्शियल अवैध निर्माणों के प्रति नरम बना हुआ है। इनमें सी रॉक, मित्तल मार्केट और एक अवैध होटल तक शामिल है। पिछले दिनों विकास प्राधिकरण ने दो अवैध कामर्शियल भवनों के फोटो के साथ समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कराया। जिसमें आम लोगों को उक्त भवनों में दुकान आदि न खरीदने की हिदायत दी गई थी। मगर हैरत की बात यह है कि विज्ञापन प्रकाशित होने के बावजूद दोनों भवनों में निर्माण कार्य जारी है। जिस पर प्राधिकरण के अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं। ऐसे में अधिकारियों की नीयत पर शक होना लाजिमी है। उधर, गुरुद्वारा रोड पर एक व्यक्ति ने स्वीकृत कराए गए नक्शे के विपरीत जाकर होटल तैयार कर दिया, जिसका उद्घाटन तक हो गया है। मगर प्राधिकरण के अधिकारी अभी तक सो रहे हैं।
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जिन अवैध निर्माणों का जिक्र किया गया है। उनकी फाइल चल रही है। हमने लोगों को भी उक्त भवनों में संपत्ति न खरीदने को कहा है। जल्द ही अवैध निर्माणों पर कार्रवाई होगी।
मनोज कुमार, वीसी, एसडीए।