जमीयत महासचिव मौलाना महमूद मदनी बोले : भारत हमेशा से फिलिस्तीन मसले पर फिलिस्तीनियों का दोस्त रहा
अमर उजाला ब्यूरो
देवबंद(सहारनपुर)। मुसलमानों की सबसे बड़ी जमात जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि 14 जनवरी को भारत दौरे पर आ रहे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू के दौरे का शांतिपूर्वक तरीके से विरोध किया जाएगा। साथ ही सरकार से मांग की जाएगी कि बेंजामिन नेतान्याहू को भारत न आने दिया जाए।
बृहस्पतिवार को खास बातचीत में मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि फिलिस्तीन के मसले पर भारत हमेशा से फिलिस्तीनियों का हामी व दोस्त रहा है और भारत ने हमेशा वहां के दबे कुचले मजलूम लोगों के हितों की रक्षा के लिए आवाज उठाई है। यही इस देश की परंपरा रही है। इसलिए इस देश के नागरिकों की यह जिम्मेदारी है कि वह इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू के भारत दौरे का विरोध करें और फिलिस्तीन की जनता के साथ सहयोग के तौर पर उनसे मोहब्बत और दोस्ती का इजहार करें। मौलाना मदनी ने कहा कि इजरायली प्रधानमंत्री 14 जनवरी को अहमदाबाद से अपने दौरे की शुरुआत करेंगे। इसलिए जमीयत उलमा-ए-हिंद ने यह फैसला लिया है कि विभिन्न मार्गों पर नेतान्याहू के दौरे का पुर अमन तरीके से विरोध किया जाएगा। साथ ही जमीयत भारत सरकार से मांग करेगी की वे इजरायली प्रधानमंत्री को भारत न आने दें। फिलिस्तीन के मसले को भारत की रेपुटेशन से जोड़कर देखने के सवाल पर मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि एक भारतीय नागरिक होने के नाते उनकी यह जिम्मेदारी है कि वह इस बात पर सोचें कि बदले हुए हालात में भारत की विदेश नीति को किस दिशा में ले जाने की कोशिश हो रही है और इसके दूरगामी क्या नतीजे होंगे। उन्होंने बताया कि इजरायली प्रधानमंत्री के दौरे का विरोध करने को लेकर दिल्ली में आयोजित हुई बैठक में रणनीति भी तैयार कर ली गई है।