चीनी मिलों के एस्क्रो एकाउंट खोले जाएंगे
सहारनपुर। चीनी बेचकर भी गन्ना मूल्य भुगतान नहीं करने वाली चीनी मिलों पर शासन ने सख्ती करने की तैयारी कर ली है। आगामी पेराई सीजन में टैगिंग आदेश के मुताबिक गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए चीनी मिलों के एस्क्रो एकाउंट खोले जाएंगे। इस खाते में चीनी विक्रय से प्राप्त हुई धनराशि और सीसीएल लेने वाली मिलों की चीनी बंधक बनाकर दी जाने वाली राशि का 85 प्रतिशत पैसा चला जाएगा। इस धनराशि का उपयोग गन्ना मूल्य भुगतान के लिए किया जाएगा। इस खाते का संचालन चीनी मिल के अध्यासी या महाप्रबंधक और जिला गन्ना अधिकारी संयुक्त रूप से किया जाएगा।
गन्ना विभाग के मुताबिक एस्क्रो खाता ऐसी संयुक्त संचालन अस्थायी व्यवस्था है जिससे चीनी मिलें चीनी बेचकर मिलने वाले पैसे का डाइवर्जन नहीं कर पाएंगी। इससे किसानों के गन्ना बकाया मूल्य भुगतान में मदद मिलेगी।
गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने टैगिंग आदेश का अनुपालन कराने के लिए चीनी मिलों के एस्क्रो एकाउंट खुलवाने के निर्देश दिए हैं। यह खाते सीसीएल यानि कैश क्रेडिट लिमिट और नॉन सीसीएल वाली दोनों प्रकार की चीनी मिलों के खोले जाएंगे। शुगर मिलों को इस खाते में चीनी को बेचकर मिलने वाली राशि या सीसीएल के तहत ली जाने वाली अग्रिम धनराशि का 85 प्रतिशत जमा करना होगा। इस धनराशि का प्रयोग गन्ना मूल्य भुगतान के लिए किया जाएगा। एस्क्रो खाते का संचालन में मिल प्रबंधन के साथ ही जिला गन्ना अधिकारी की भूमिका होने से शुगर मिल पैसे का डायवर्जन नहीं कर पाएंगे। मिलों को पेराई सत्र शुरू करने की तिथि तक इस खाते को अनिवार्य रुप से खुलवाना होगा। जो मिल संचालन तिथि तक बैंक अनुबंध या सीसीएल की सूचना डीसीओ को नहीं देंगे, उनके चीनी स्टाक को तीन दिन के अंदर डीसीओ या एसडीएम और मिल अधिकारियों की संयुक्त अभिरक्षा में दे दिया जाएगा। उप गन्ना आयुक्त डॉ. दिनेश्वर मिश्र ने बताया कि एस्क्रो एकाउंट खुलने से किसानों को गन्ना बकाया मूल्य भुगतान पाने में मददगार साबित होगी। इससे उन्हें काफी राहत मिलेगी।