सहारनपुर। स्टोन क्रशर संचालकों ने प्रशासन पर खनन माफियाओं को बचाने के लिए स्टोन क्रेशर संचालकों पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
सहारनपुर स्टोन क्रशर्स एसोसिएशन के सदस्य एकत्रित होकर हकीकतनगर स्थित धरना स्थल पर पहुंचे और एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा दोषी खनन माफियाओं को बचाने के लिए निर्दोष लोगों एवं स्टोन क्रशर इकाइयों पर आधारहीन कार्रवाई की जा रही है। जबकि अवैध खनन माफियाओं ने प्रशासनिक साठगांठ से राजस्व का हजारों करोड़ रुपये का चूना लगा दिया है। खनन की जांच के लिए कई बार टीमें आईं जांच हुई और कार्रवाई के निर्देश दिए गए। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। एनजीटी ने भी इस मामले में सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को विशेषज्ञ दल की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक खनन माफिया से साठगांठ कर प्रशासन राजस्व का नुकसान करा रहा है, जबकि प्रशासन कुछ स्टोर क्रशर इकाइयों पर कार्रवाई कर अपनी कागजी खानापूर्ति कर रही है। प्रशासन द्वारा इस खनन माफिया एवं इसके परिवार को संरक्षण देकर बचा रहा है, जबकि निर्दोष लोगों एवं स्टोर क्रेशर इकाइयों पर आधारहीन कार्रवाई कर उन्हें फंसाने का प्रयास किया जा रहा है।
धरने के बाद एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन डीएम को सौंपा जिसमें मांग की है कि निर्दोष लोगों एवं स्टोन क्रशरों को न्याय दिलाया जाए। प्रशासन की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। ज्ञापन देने वालों में महेंद्र सिंह सैनी, मदन पाल, रवि कुमार, प्रमोद, संजीव मलिक, अनिल शर्मा, अरुण शर्मा, सुंदर सिंह, अजेंद्र कुमार, अनिल सैनी, कंवरजीत सिंह, प्रमोद कुमार, नीरज कुमार, अनिल राणा, गुरमेल सिंह, गुरदयाल सिंह, राजीव देवगुरु, संजय धामा, अजय जैन, संजीव वालिया, अजीत सिंह, सुुरेश कुमार शामिल रहे।