स्मार्ट सिटी के लिए फिर से शुरू होगी कसरत
सहारनपुर। स्मार्ट सिटी के तीसरे चरण में विफल हुए सहारनपुर का रिपोर्ट कार्ड आ गया है। इसमें केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने प्रस्ताव में रही खामियों को बिंदुवार अंकित किया है। साथ ही चौथे चरण के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। फिलहाल नगर निगम को कंसलटेंट एजेंसी के अधिकारियों के सहारनपुर पहुंचने का इंतजार है, जिनके साथ नए प्रस्ताव को लेकर मंथन होगा।
केंद्र सरकार ने करीब साढ़े तीन साल पहले शहरों को विकसित करने के लिए स्मार्ट सिटी योजना शुरू की थी। खुशकिस्मती से सहारनपुर पहले चरण से योजना में शामिल रहा है। नियमानुसार सभी शहरों को शहर के विकास का प्रस्ताव तैयार कर सबमिट किया था। मगर पहले चरण में सहारनपुर के प्रस्ताव को नकार दिया गया था। 100 शहरों में सहारनपुर का 92वां स्थान रहा था। इसके बाद दूसरे चरण में फिर सहारनपुर ने प्रस्ताव तैयार किया, जिसे फिर से नकार दिया गया। नियमानुसार चयन के लिए कम से कम 56 अंक चाहिए, मगर दूसरे चरण में सहारनपुर मात्र दस अंकों से रह गया। इसके बाद तीसरे चरण में सहारनपुर की कंसलटेंट एजेंसी बदल दी गई। इस बार उम्मीद थी कि सहारनपुर दो चरणों से सबक लेते हुए बेहतर प्रस्ताव बनाएगा। मगर तीसरे चरण में फिर से सहारनपुर को मायूसी हाथ लगी। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने पिछले सप्ताह ही सहारनपुर का रिपोर्ट कार्ड भेजा है। जिसमें तीसरे चरण के प्रस्ताव में रही खामियों का जिक्र किया गया है। नगर निगम इस बार के प्रस्ताव में तीसरे चरण की खामियों को दूर करने का प्रयास करेगा, जिससे चयन हो सके। फिलहाल कंसलटेंट एजेंसी के अधिकारियों को बुलाया गया है, जिनके संभवत: 25 अगस्त से पहले पहुंचने की उम्मीद है। कंसलटेंट एजेंसी के साथ मिलकर नगर निगम के अधिकारी खामियां दूर कर मजबूत प्रस्ताव बनाने पर मंथन करेंगे।
इन चीजों में पिछड़ा सहारनपुर
- निगम होने के बावजूद मेयर चुनाव का अभी तक न होना।
- सरकारी विभागों का पूरा डाटा न होना।
- शहर में यातायात व्यवस्था दुरुस्त न होना।
- जगह-जगह अतिक्रमण होना।
- बस और टैक्सी अड्डों के लिए कोई व्यवस्था न होना।
- शत प्रतिशत घरों में पेयजल की व्यवस्था न होना।
- पूरे शहर में सीवर लाइन न होना आदि।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत सहारनपुर को प्रस्ताव तैयार करने के लिए नए सिरे से काम करना होगा। कंसलटेंट एजेंसी के अधिकारियों को बुलाया गया है। उनके साथ बैठकर पिछले प्रस्ताव में रही खामियों को दूर करने पर चर्चा होगी। उम्मीद है इस बार हम बेहतर और प्रभावी प्रस्ताव तैयार कर सकेंगे।
- पीके मित्तल, नोडल अधिकारी। जगदीप कुमार-------------