जिला अस्पताल पुल के बंद होने के बाद जाम से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने कई मार्गों पर चलने वाली परिवहन निगम की करीब 300 बसों का संचालन शहर के बाहर से करने का निर्णय लिया है। इसके लिए शहर के बाहर अस्थाई बस अड्डों की व्यवस्था की गई है, जहां यात्रियों के पेयजल, शौचालय और सफाई की भी व्यवस्था रहेगी।
एसपी ट्रैफिक ओमवीर सिंह ने परिवहन निगम के अफसरों के साथ मंथन करने के बाद चार दिसंबर से बसों के संचालन के लिए नई व्यवस्था बनाई है। दिल्ली, बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर मार्ग पर प्रतिदिन आने और जाने वाली सौ से अधिक बसों का संचालन दिल्ली रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी के पास स्थित जमीन से होगा।
इसी प्रकार सहारनपुर से देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए जाने और आने वाली करीब 180 बसों का संचालन देहरादून रोड पर रिमाउंट डिपो की खाली पड़ी जमीन से होगा। बसें इन्हीं स्थानों पर आकर रुकेंगी और रवाना भी यहीं से होंगी।
यातायात विभाग का मानना है कि बसों के शहर में घुसने के बाद जाम की समस्या हो जाती है। यदि करीब तीन सौ बसों को पुल की मरम्मत होने तक शहर से बाहर ही रखा जाए तो इससे जाम से निजात पाने में मदद मिलेगी। जिन जगहों को अस्थाई बस अड्डा बनाया गया है। वहां लोगों के लिए एक-एक मोबाइल शौचालय, पेयजल का टैंक, एक-एक सफाई की व्यवस्था भी कराई जा रही है।
ट्रांसपोर्टर्स से भी मांगा सहयोग
यातायात विभाग ने सभी ट्रांसपोर्टर्स से माल वाहक वाहनों के आवागमन के लिए कोर्ट पुल के स्थान पर शारदानगर पुल का इस्तेमाल करने की अपील की है, जिससे जाम से निजात मिल सके।
शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में परिवहन निगम के अफसरों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद कई मार्गों पर चलने वाली परिवहन निगम की बसों का संचालन शहर के बाहर से करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद जाम की समस्या नहीं बनेगी।
- मनोज तिवारी, एसएसपी।