सहारनपुर। सहकारी गन्ना विकास समिति के चुनाव की शुरुआत हो गई है। शुक्रवार देर रात तक डेलीगेट पदों के लिए जमा कराए गए नामांकन पत्रों की जांच हुई। जांच में चारों गन्ना विकास समितियों में 270 पर्चे निरस्त हुए। अब 1831 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
प्रतिष्ठापूर्ण सहकारी गन्ना विकास समिति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस चुनाव में पहले डेलीगेट चुने जाएंगे। निर्वाचित डेलीगेट सभी समितियों में 11-11 संचालक चुनेंगे। संचालक सभापति और उप सभापति का चुनाव करेंगे। जिले की चारों सहकारी गन्ना विकास समितियों में 1497 डेलीगेट के पद हैं। इन पदों के लिए 2301 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। शुक्रवार को देर रात तक नामांकन पत्रों की जांच का कार्य चला। जांच में विभिन्न कमियों के चलते 270 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र निरस्त हुए। अब इन समितियों में 1831 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं। सहकारी गन्ना विकास समिति सहारनपुर में 786 नामांकन पत्र सही पाए गए।
बेहट समिति में 435 पर्चे सही मिले और देवबंद में सही नामांकन पत्रों की संख्या 254 रही। सरसावा में 356 प्रत्याशियों के पर्चे सही मिले। चुनाव में 30 सितंबर को नाम वापसी और चुनाव चिह्नों का आवंटन होगा। डेलीगेट के लिए मतदान और मतगणना तीन सितंबर को होगी। संचालक पद के लिए चुनाव 16 अक्तूबर और सभापति एवं उप सभापति का चुनाव 17 अक्तूबर को होगा।
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किसानों को खाद, कीटनाशक एवं बीज उपलब्ध कराती है समितियां
सहारनपुर। गन्ना विकास समितियों का गठन वर्ष 1938 में हुआ था। समितियां किसानों के गन्ने को चीनी मिलों में आपूर्ति एवं गन्ना भुगतान को सुनिश्चित करना है। समितियां ग्रामीण क्षेत्र में अपने गोदामों से चार फीसदी ब्याज दर पर किसानों को विभिन्न प्रकार के उर्वरक, कीटनाशक उपलब्ध कराती हैं। सहकारी गन्ना विकास समिति सहारनपुर के सचिव अजीत सिंह ने बताया कि गन्ना मूल्य भुगतान को किसानों के खाते में भेजने का काम भी समितियों के जिम्मे है।