सहारनपुर। बीते माह अप्रैल के 30 दिन में जनपद में कोरोना के 6955 मरीज सामने आए। इनमें से 2648 मरीज अभी तक कोरोना को मात दे चुके हैं। सबसे खास बात यह है कि कोरोना को हराने वालों में 547 बच्चे हैं, जिनमें एक वर्ष तक के कई मासूम भी शामिल रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना गंभीर बीमारी जरूर है, मगर यह ला इलाज नहीं है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीएस सोढ़ी ने बताया कि यदि मरीज लक्षण नजर आते ही तुरंत जांच कराकर सही इलाज शुरू कर दे तो कोरोना को मात दी जा सकती है। मगर हो यह रहा है कि ज्यादातर मरीज नासमझी या फिर जांच से बचने के लिए अप्रशिक्षित डॉक्टरों की सलाह पर या फिर अपने आप दवा लेकर ठीक होने का प्रयास कर रहे हैं। नतीजा यह हो रहा है कि सही इलाज नहीं लेने की वजह से मामले बिगड़ रहे हैं। यदि वह समय से सही इलाज लेते तो जान बचाई जा सकती थी। डॉ. सोढी की सलाह है कि जिस भी व्यक्ति को अपने भीतर कोरोना जैसे लक्षण नजर आएं तो देर किए बिना तुरंत जिला अस्पताल या जांच केंद्रों पर पहुंचकर जांच कराएं और सही इलाज कराएं।
92 मरीजों की जान भी गई
अप्रैल माह मरीजों के साथ ही आम नागरिकों के लिए भी डराने वाला रहा है। इस एक माह में 92 मरीजों की जान गई। चिकित्सकों का कहना है कि यदि मरीज लापरवाही ना करते तो मौतों की संख्या को कम किया जा सकता था।
कोरोना के सामान्य लक्षण
- शरीर में दर्द और पीड़ा, गले में खराश।
- दस्त लगना, आंख आना, आंखों में तकलीफ होना।
- सरदर्द या तेज सरदर्द, स्वाद और गंध का चले जाना
- त्वचा पर दाने या उंगलियों या पैर की उंगलियों का लाल होना।
- तेज बुखार, खांसी, जुकाम आदि।
कोरोना के गंभीर लक्षण
- सांस लेने में कठिनाई होना और ऑक्सीजन का स्तर गिरना।
- सीने में दर्द या दबाव की शिकायत होना।
- चलने फिरने में परेशानी होना।
- शरीर का टूटने लगना।