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जिले की चीनी मिलों पर बकाया है 264 करोड़ रुपये

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264 crores owed to sugar mills of the district
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सहारनपुर। जनपद की शुगर मिलों पर किसानों का करीब 264 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। न्यायालय ने ब्याज सहित भुगतान करने का निर्देश चीनी मिलों को दिया है, जिसके बाद किसानों को बकाया भुगतान होने की आस जगी है।
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सहारनपुर जनपद में शुगर मिलों द्वारा बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की गति अपेक्षित नहीं रही, क्योंकि पूर्व में शासन के निर्देश पर जब प्रशासन ने गन्ना मूल्य भुगतान का शेडयूल बनाया था तो उसका भी पालन नहीं किया गया था। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर सख्त हिदायत दे चुके हैं। अब कोर्ट ने किसानों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान 15 प्रतिशत ब्याज सहित करने का निर्देश दिया है। जिला गन्ना अधिकारी केएमएम त्रिपाठी का कहना है कि बकाया भुगतान पर 15 प्रतिशत ब्याज देने का पूर्व में ही आदेश है। आदेश के पालन के लिए चीनी मिल प्रबंधनों पर दबाव बनाया जा रहा है।
एक ही दिन में किया 29 करोड़ का भुगतान
सहारनपुर। उप गन्ना आयुक्त डाक्टर दिनेश्वर मिश्र ने बताया कि बुधवार को जनपद की तीन चीनी मिलों ने 29 करोड़ रुपये का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किसानों को किया है। उन्होंने किसानों को प्री कैलेंडर के शत प्रतिशत वितरण कराने का निर्देश दिया है।
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बुधवार को बैठक के दौरान गन्ना उपायुक्त डाक्टर दिनेश्वर मिश्र ने बताया कि बुधवार को ही देवबंद चीनी मिल द्वारा 16.34 करोड़ रुपये, शेरमऊ चीनी मिल द्वारा 10 करोड़ रुपये और गांगनौली चीनी मिल द्वारा ढाई करोड़ रुपये बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किया है। इस दौरान उन्होंने चीनी मिल प्रतिनिधियों से कहा कि बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान 30 सितंबर तक अनिवार्य रूप से करा दें, अन्यथा चीनी मिल के खिलाफ वसूली प्रमाण पत्र जारी करने की संस्तुति की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्री कैलेंडर का वितरण समय से कराया जाए। उन्होंने कहा कि 21 से 25 सितंबर तक मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें कृषक अपने गन्ना डाटा की जानकारी ले सकते हैं। गन्ना समिति के सभी सचिवों को निर्देश दिया कि कृषकों का डाटा संशोधन मेले से पहले अनिवार्य रूप से कर लें तथा मेले में प्राप्त शिकायतों का रजिस्टर बनाकर निस्तारण तुरंत कराया जाए। इसकी सूचना प्रतिदिन उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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