सहारनपुर। जनपद की शुगर मिलें अभी भी किसानों के करीब 264 करोड़ रुपये दबाए बैठी हैं। इसके अलावा बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज भी 35.18 करोड़ रुपये हो गया है। अब हाईकोर्ट ने ब्याज सहित बकाया भुगतान एक माह में कराने का निर्देश दिया है, जिससे किसानों को बकाया पर ब्याज मिलने की उम्मीद जगी है।
जनपद के 1,39,504 किसान छह शुगर मिलों को गन्ना सप्लाई करते हैं। शुगर मिलों पर उनके गन्ना मूल्य के करीब 264 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं। इसके साथ ही बकाया पर ब्याज भी 35.18 करोड़ रुपये हो गया है। गन्ना खरीद अधिनियम के अनुसार मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर उसका भुगतान हो जाना चाहिए। इसके बाद भुगतान करने पर बकाया पर ब्याज देने का प्रावधान है। हाईकोर्ट ने भी किसानों को ब्याज सहित गन्ना मूल्य भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। इससे किसानों में बकाया के साथ ही ब्याज मिलने की उम्मीद बढ़ गई हैं।
जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि जनपद की शुगर मिलों पर 264 करोड़ रुपये अवशेष गन्ना मूल्य है। जिले की छह शुगर मिलों पर 35.18 करोड़ रुपये बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज के भी हो गए हैं। गन्ना विभाग गन्ना विकास समितियों की ओर से सभी शुगर मिलों को बकाया गन्ना मूल्य और उस पर लगने वाले ब्याज के भुगतान के लिए नोटिस भिजवाता है। उम्मीद है कि जल्द ही बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में उन्हें अभी कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।
बकाया गन्ना मूल्य एवं ब्याज की स्थिति एक नजर में
मिल--------आपूर्तिकर्ता किसान-------बकाया गन्ना मूल्य------बकाया पर ब्याज
देवबंद-----------41077------------------20.19 करोड़---------------4.85 करोड़
गांगनौली-------21912------------------129.62 करोड़-------------15.11 करोड़
शेरमऊ----------26373------------------62.56 करोड़---------------8.01 करोड़
गागलहेडी-------11114-------------------21.36 करोड़---------------2.11 करोड़
नानौता---------24932-------------------18.77 करोड़---------------3.05 करोड़
सरसावा--------14096-------------------12.34 करोड़---------------2.01 करोड़
नोट -- गन्ना विभाग के 19 सितंबर के आंकड़े के मुताबिक