सहारनपुर में जांच के बाद 23 मरीजों में डेंगू के लक्षण मिलने के बाद से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि सभी मरीजों की हालत नियंत्रण में बताई जा रही है।
रोग न फैले, इसके लिए विभाग अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है। विभाग की टीमें गांव और देहात में जाकर मरीजों के खून के नमूने लेकर जांच को भेज रही हैं। साथ ही जरूरी दवाएं भी वितरित की जा रही हैं।
बरसात के मौसम में मलेरिया और डेंगू का फैलना आम बात रहती है। हालाकि अभी तक स्वास्थ्य विभाग डेंगू होने की बात से इनकार करता रहा है। पिछले चार से पांच दिन में देवबंद में एक दर्जन से अधिक लोग बुुखार के शिकार हो चुके हैं, जिनकी मौत की वजह डेंगू माना जा रहा है।
देवबंद में बुखार के महामारी बनने के बाद डीएम शफक्कत कमाल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और देवबंद में टीमें भेजी गई थीं। मगर अब देवबंद के साथ ही मलेरिया और डेंगू शहर और अन्य कस्बों में भी अपने पैर पसार रहा है।
जांच के लिए भेजे गए नमूनों में से सोमवार तक 23 लोगों में डेंगू के लक्षण पाए गए थे। खुद सीएमओ इसकी पुष्टि कर चुके हैं। इसके बाद से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने चूंकि मलेरिया और डेंगू मच्छरों के काटने से फैलता है।
ऐसे में विभाग की ओर से लोगों को जागरूक करने, गांवों में चिकत्सिकों की टीमें भेजकर बीमारों के खून के नमूने लेकर जांच को भेजने और जरूरी दवाएं वितरित करने का दावा किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रहा है। चिकित्सकों की टीमें गंभीर मरीजों के खून के नमूने लेकर जांच को भेज रही हैं। - डॉ. सईद मोहम्मद, सीएमओ।
देवबंद में बुखार पीड़ित एक और महिला ने बुधवार को दम तोड़ दिया। महिला का मेरठ के एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार चल रहा था। दो दिन पूर्व परिजन महिला को देवबंद लेकर आए थे।
मोहल्ला लाल मस्जिद निवासी मुर्तजा की पत्नी बुशरा (36) करीब एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थी। पहले बुशरा को देवबंद में एक चिकित्सक से उपचार कराया लेकिन आराम न होने पर मेरठ भर्ती कराया गया। स्थिति में सुधार होने पर परिजन दो दिन पूर्व उसे देवबंद घर लाए थे।
बुधवार की सुबह उसकी हालत फिर से बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। देवबंद में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा 12 पर पहुंच गया है। इतना ही नहीं अस्पतालों में अभी भी बुखार पीड़ितों की भरमार है।
आलम यह है कि सरकारी अस्पताल में भी बेड खाली नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग की करीब 36 टीमें जागरूकता अभियान और बुखार पीड़ितों के खून की स्लाइड बनाने में जुटी हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी डा. शिवांका गौड़ ने बताया कि सैंपलों की अब तक हुई जांच में 17 केस डेंगू के पॉजिटिव मिले हैं। सबसे अधिक वायरल और टायफाइड के मामले सामने आए हैं। लोग सफाई पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जो बीमारियों के बचने का सबसे बड़ा कारण है।