वीडियो वायरल हुआ तो जागा प्रशासन, हटवाया शिलापट
सहारनपुर। आचार संहिता के बीच सांसद और अन्य नेताओं के नाम का विकास कार्य से जुड़ा शिलापट लगाने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रशासन ने श्रमिकों को भेजकर शिलापट हटवा दिया। मिशन कंपाउंड स्थित खेमका सदन को जाने वाले मार्ग के बाहर सड़क किनारे पर शनिवार को एक सीमेंट की दीवार बनाकर शिलापट लगाया गया, जिस पर महापौर, सांसद, नगरायुक्त और स्थानीय पार्षद का नाम लिखा हुआ था। यह शिलापट सीवरेज लाइन का कार्य कराने से संबंधी था। शिलापट लगते ही स्थानीय लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि आचार संहिता के दौरान शिलापट कैसे लग गया। कुछ ही देर बार शिलापट लगाने का वीडियो वायरल हो गया। इसकी शिकायत प्रशासन तथा नगरायुक्त तक पहुंची। शुरू में नगर निगम के अधिकारी शिलापट लगाने के लिए जल निगम के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते रहे। बाद में प्रशासन को उक्त शिलापट को हटवाना पड़ा। उधर, सूत्रों ने बताया कि ऐसे ही शिलापट अन्य कॉलोनियों में भी लगाए जा रहे हैं, जिन्हें लेकर भी लोग हैरत में हैं। स्थानीय पार्षद संजय गर्ग का कहना है कि खेमका सदन मार्ग पर कार्य फरवरी माह से चल रहा है, जो आचार संहिता लगने से पहले का है। ऐसे में अब शिलापट लगाया जाना गलत नहीं है।
सीवर लाइन के कार्य का शिलान्यास आचार संहिता से पहले सात मार्च को हुआ था, जिसका शिलापट तभी लग जाना चाहिए था। अब किसी ने आचार संहिता के बीच शिलापट लगाया है। शिकायत मिली थी, जिसके बाद हमने शिलापट को हटवा दिया है। संबंधित विभाग को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। -- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
आचार संहिता के दौरान इस तरह के शिलापट को लगाया नहीं जाना चाहिए। यदि ऐसा हुआ है तो यह ठीक नहीं है मामले को दिखवाकर जरूरी कार्रवाई कराई जाएगी। -- एसबी सिंह, एडीएम-प्रशासन।