सहारनपुर। जाति-धर्म से ऊपर उठकर बात करने वाला प्रत्याशी ही हमारा सांसद होना चाहिए, जो प्रत्येक वर्ग को मूलभूत सुविधाएं दिलाने में सक्षम हो और उनकी आवाज लोकसभा में उठा सके।
रविवार को अमर उजाला टीम देहरादून चौक पर पहुंची तो एक चाय की दुकान बराबर में सड़क किनारे कुर्सी डाले बैठे लोगों में प्रत्याशी को लेकर बहस छिड़ी थी। मोहल्ला जनकनगर की सरदार पटेल वाली गली निवासी ईलमचंद कह रहे थे कि उनका सांसद धर्म-जाति से ऊपर उठकर बात करने वाला होना चाहिए। देहरादून चौक निवासी आरबी भट्ट बोले कि सड़क, नाली, पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक नागरिक की पहली जरूरत है। हमारा सांसद ऐसा होना चाहिए जो इन सब बातों का ध्यान रखे और प्रत्येक वर्ग को इसका लाभ दिलवाए। गोपालनगर निवासी सरदार शैलेंद्र सिंह का कहना था कि हमें ऐसे सांसद की आवश्यकता है, जो सहारनपुर में उच्च सुविधाओं से लैस कराए। ताकि यहां बड़े-बड़े उद्योग लग सकें और सहारनपुर के नौजवानों को दूसरे शहरों और प्रदेशों में नौकरी करने के लिए न जाना पड़े। खानआलमपुरा निवासी शंकर कौशिक का कहना है कि सहारनपुर स्मार्ट सिटी में तो शामिल हो गया, लेकिन मगर स्मार्ट बनने की राह एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सका। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए काम करने वाले सांसद की हमें जरूरत है। बाबूराम कौशिक, दीपकचंद का कहना था पिलखनी में बने मेडिकल कॉलेज में सुविधाएं नहीं है। जनता चाहती है कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों को अच्छा उपचार मिले। ताकि सहारनपुर के लोगों को दिल्ली, चंडीगढ़ और देहरादून ईलाज कराने के लिए न जाना पड़े।