सहारनपुर। नगर की पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए नगर निगम ने 18 करोड़ रुपये का बजट रखा है। एक ओर जहां नई पाइपलाइन डालने की योजना है, वहीं पहले से डली पाइपलाइनों को दुरुस्त भी किया जाएगा। इस बजट में एसटीपी यानी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाना भी शामिल है।
नगर निगम के आंकड़ों में करीब डेढ़ लाख मकान दर्ज हैं। अभी तक नगर निगम करीब 30 फीसदी आबादी को ही पानी पहुंचा पा रहा है। वह अलग बात है कि ज्यादातर लोग उस पानी का इस्तेमाल पीने के लिए नहीं करते हैं। करीब चार साल पहले नगर निगम ने घरों में दो पाइपलाइन भेजने का निर्णय लिया था, जिनमें एक लाइन में साधारण पानी और दूसरी में पीने के लिए शुद्ध पानी दिया जाना था, मगर योजना पर काम नहीं हो सका। अब नगर निगम ने वर्ष 2019-20 के अपने बजट में 18 करोड़ रुपया पानी पर खर्च करने का निर्णय लिया है। 18 करोड़ रुपये में पांच करोड़ रुपये नई पाइपलाइन डालने पर खर्च किए जाएंगे। बजट का बड़ा हिस्सा पुरानी लाइनों को दुरुस्त करने पर भी खर्च किया जाएगा। इसके अलावा एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) भी इसी के तहत लगाया जाना है।
कार्य और उन पर होने वाला प्रस्तावित खर्च
- नगर क्षेत्रों में नई पाइपलाइन डालने पर पांच करोड़ रुपये
- जलकल अधिष्ठान पर छह करोड़ रुपये।
- जलकल मरम्मत और एसटीपी पर पांच करोड़ रुपये।
- जलकल के नए सामान पर एक करोड़ रुपये।
- हैंडपंप लगाने पर 50 लाख रुपये।
- नए नलकूप लगाने पर 50 लाख रुपये।
शहर की पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाना नगर निगम की प्राथमिकता है। नए बजट में बड़ी रकम पेयजल पर खर्च करने के लिए रखी है। प्रयास यही है कि जो योजना पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए बनाई गई है, वह सफल हो और अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। - ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।