सहारनपुर। शिक्षा के निजीकरण के विरोध और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग को लेकर महाविद्यालयों के शिक्षक काला दिवस मना रहे हैं। दो दिन चलने वाली हड़ताल के पहले दिन सोमवार को जेवी जैन कॉलेज के तमाम शिक्षक शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर हड़ताल पर रहे। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
हड़ताल के पहले दिन एआईएफयूसीटीओ की महिला कार्यकारिणी सदस्य तथा जेवी जैन कॉलेज शिक्षक संघ की अध्यक्ष डॉ. ज्योति सिंह की अध्यक्षता में जेवी जैन कॉलेज के शिक्षकों ने बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर कार्य का बहिष्कार किया। डॉ. ज्योति सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षा का निजीकरण कर रही है। यदि शिक्षा का निजीकरण होगा तो शिक्षण व्यवस्था पिछड़ जाएगी। साथ ही शिक्षा सेवा न होकर व्यवसाय बन जाएगी, जबकि भारतीय शिक्षा पद्घति का लोहा दुनिया के तमाम देश मानते हैं। डॉ. हरवीर सिंह ने कहा कि यदि शिक्षा का निजीकरण होता है तो गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा हासिल करना मुश्किल हो जाएगा। डॉ. संदीप गुप्ता ने कहा कि सातवें वेतनमान का लाभ अभी तक नहीं मिला है, जिसे लेकर शिक्षकों में रोष है। हड़ताल पर रहने वालों में डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. वंदना रोहिला, डॉ. वीके शर्मा, डॉ. दिनेश सिंघल, डॉ. ममता सिंघल, डॉ. महेश, डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. पूनम शर्मा, डॉ. वाईएस टोपाल, डॉ. विवेक अग्रवाल, डॉ. पूनम खरे, डॉ. शुभ्रा चतुर्वेदी, डॉ. धर्मेंद्र, डॉ. आरके गुप्ता, डॉ. मनु गुप्ता, डॉ. नेहा, डॉ. सीमा चौधरी, डॉ. सीमा मिश्रा आदि शामिल रहीं।