वीवीपैट में खराबी का कारण जानने पहुंचे मुख्य निर्वाचन अधिकारी
सहारनपुर। कैराना लोकसभा उप चुनाव में बड़ी संख्या में वीवीपैट मशीनों में आई खराबी के चलते निर्वाचन आयोग हरकत में आ गया है। शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल वेंकटेश्वर लू के नेतृत्व में एक जांच समिति वीवीपैट मशीनों में मतदान के दौरान हुई खराबी के कारणों की पड़ताल की। उन्होंने निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारियों से भी इस बाबत वार्ता की।
शुक्रवार को सर्किट हाउस में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कैराना उपचुनाव में 28 मई हुए मतदान के दौरान बड़ी संख्या में वीवीपैट मशीनों में आई खराबी के कारणों के बारे में जानकारी हासिल की। खराबी के बाद निर्वाचन कार्य संपन्न कराने में जुटे अधिकारियों ने 249 वीवीपैट मशीनों को बदलवाया। इसके बाद भी काफी बूथों पर कई कई घंटे तक मतदान प्रभावित हुआ। रालोद प्रत्याशी तबस्सुम हसन ने वीवी पैट मशीनों के खराब होने को साजिश करार देते हुए निर्वाचन आयोग को उसी दिन शिकायती पत्र भी भेजा था। पत्र में उन्होंने उन बूथों का हवाला भी दिया था जिन पर वीवीपैट मशीनों के खराब होने से मतदान प्रभावित हुआ था।
इसके बाद शाम को जिलाधिकारी पीके पांडे ने भी चुनाव आयोग को अपनी रिपोर्ट भेजकर बताया कि जनपद की नकुड़ और गंगोह विधानसभा क्षेत्रों के 68 बूथों पर वीवीपैट खराब होने से मतदान प्रक्रिया बाधित हुई है। इस रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए निर्वाचन आयोग ने कैराना लोकसभा क्षेत्र की 73 बूथों पर 30 मई पुनर्मतदान करने के निर्देश दिए। इनमें 68 बूथ जिले की गंगोह और नकुड विधानसभा क्षेत्र के थे। जिन पर 30 मई को पुनर्मतदान कराया गया।
इतनी बड़ी संख्या में वीवीपैट मशीनों में आई खराबी के कारणों की पड़ताल करने के लिए शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने मशीनों की तकनीकी खराबी के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कारणों के बारे में तकनीकी विशेषज्ञों से भी राय ली और अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में भी रिपोर्ट तैयार की। निर्वाचन कार्यों में लगे अधिकारियों से जानकारी हासिल की। इस दौरान जिलाधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।