सहारनपुर। सहारनपुर हिंसा के आरोपी एवं भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर उर्फ रावण पर लगी रासुका पर सुनवाई के बाद रासुका के मामले में जमानत की याचिका को खारिज कर दिया गया है। जिससे फिलहाल रावण जेल से बाहर आने की संभावनाएं समाप्त हो गईं हैं।
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण को नवंबर 2017 में सहारनपुर हिंसा समेत चार आरोपों के मामलों में जमानत मिल गई थी। जिससे रावण के जेल से बाहर आने की संभावना बन गई थी। उसी दौरान 4 नवंबर को रावण को रासुका में निरुद्ध कर दिया। जिससे रावण के जेल से बाहर आने की संभावनाएं खत्म हो गईं। रावण की ओर से रासुका के मामले में जमानत दिए जाने एवं हटाए जाने के लिए हाईकोर्ट में अपील की गई। जिसकी सुनवाई किए जाने के बाद कोर्ट ने रावण से रासुका हटाए जाने से इंकार करते हुए अपील को खारिज कर दिया। जिससे फिलहाल तीन महीने तक रावण का जेल से बाहर आना संभव नहीं हो सकेगा। अब तक दो बार रावण की रासुका में जमानत की अपील को कोर्ट द्वारा खारिज किया जा चुका है। एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट ने रावण पर रासुका के तहत की गई सुनवाई के बाद मंगलवार को खारिज कर दिया है।