पांच घंटे जाम के झाम में फंसा रहा शहर
सहारनपुर। दलित संगठनों द्वारा एससीएसटी एक्ट को लेकर कई स्थानों पर लगाए गए जाम से पूरा शहर पांच घंटे तक जूझता रहा। सभी प्रमुख मार्गों के अलावा गलियां भी जाम रही। कई घंटे तक हजारों लोग इधर से उधर भटकते रहे। तीसरे पहर जाम खुला तो एक घंटे बाद स्थिति में थोड़ा सुधार आया।
बंद समर्थकों ने शहर के उन तमाम बड़े मार्गों पर कब्जा किया था, जहां से सबसे ज्यादा यातायात प्रभावित होता है। सोमवार की सुबह 11 बजे दलित संगठनों ने घंटाघर के चारों मार्गों को बंद कर दिया। रोडवेज बस अड्डे, प्राइवेट बस अड्ड़ों से भी बसों का संचालन बंद करा दिया। घंटाघर की ओर से देहरादून रोड, अंबाला रोड, रेलवे रोड, नेहरू मार्केट और कोर्ट रोड पर वाहनों की लंबी-लंबी कतार लग गई। घंटाघर जाने के बजाए लोगों ने मोहल्ला रामनगर पठानपुरा, गोविंदनगर, किशनपुरा की गलियों, महाराजा अग्रसैन चौक, गुरुद्वारा रोड होते हुए निकलकर जाम से बचने का प्रयास किया। मगर, इन जगहों पर भी लोगों को जाम लगा मिला। कोर्ट रोड पर चंद्रनगर, मिशन कंपाउंड, गिल कॉलोनी की गलियों में लोग जाम में फंसे रहे। इसके अलावा बेहट रोड से चौधरी विहार, हनुमान नगर होते हुए भूतेश्वर मार्ग पर निकलने वाले मार्ग पर भी जाम लगा रहा। जिला अस्पताल पुल के मोड़ पर भी बंद समर्थक जाम लगाए बैठे रहे। बाजोरिया मार्ग पर भी यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ रही। पुराने शहर में जोगियान पुल, दालमंडी पुल और सब्जी मंडी पुल पर जाम लगा रहा।
पुलिस को करना पड़ा रूट डायवर्जन
सहारनपुर। कई इलाकों में पुलिस को अचानक रूट डायवर्जन करना पड़ा। तब जाकर शहरवासियों ने राहत की सांस ली। कचहरी के पुल से घंटाघर की तरफ जाने वाले वाहनों को जीपीओ मार्ग से निकाला गया। जिला अस्पताल पुल की तरफ से कोर्ट रोड की तरफ जाने वाले वाहनों को हकीकत नगर चौक से निकाला गया।
जाम में फंसी रही एंबुलेंस
सहारनपुर। महानगर में लगे जाम में कई जगहों पर एंबुलेंस फंसी रही, जिस कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को दिक्कतें झेलनी पड़ी। जिला अस्पताल पुल पर तीन एंबुलेंस जाम मेें फंसी रही, जो मरीजों को लेकर जिला अस्पताल जा रही थी। रास्ता ना मिलने के कारण चालक ने एंबुलेंस को वापस मोड़ लिया और मरीज को जिला अस्पताल की बजाए निजी अस्पताल पहुंचाया।