सहारनपुर। नई आबकारी नीति को लेकर विभाग माथापच्ची में जुटा है। इस बार शराब का ठेका लेने वाले लोगों को ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। उधर, पिछले कई महीनों से राजस्व जुटा पाने और तस्करी रोकने में विभाग नाकाम रहा है।
शासन ने शराब के ठेकों की नीलामी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। ठेका लेने वाले लोगों को 20 फरवरी से ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। यह प्रक्रिया 28 फरवरी तक चलेगी। नई आबकारी नीति को लेकर विभाग माथापच्ची में जुटा है। एक मार्च तक शराब के ठेके छोड़े जाएंगे। ऑनलाइन पंजीकरण में कई तरह की शर्तें आवेदनकर्ता को पूरी करनी होगी। जिला आबकारी अधिकारी डीएन सिंह ने बताया कि इस बार ठेकों की नीलामी प्रक्रिया शासन ने ऑनलाइन कर दी है।
उधर, पिछले काफी समय से आबकारी विभाग राजस्व जुटाने में नाकाम रहा है। इसी के चलते डीएम पीके पांडेय ने पिछले दिनों शासन को रिपोर्ट भेजी थी। इसके अलावा शराब की तस्करी भी विभाग नहीं रोक पा रहा है। सहारनपुर की सीमाएं हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से मिलती है। ज्यादातर हरियाणा से शराब की तस्करी का खेल चलता है। सहारनपुर के रास्ते वेस्ट यूपी के कई इलाकों में तस्करी की शराब पहुंचाई जाती है।
त्योहारी मौसम में सक्रिय हुए तस्कर
सहारनपुर। त्योहारी मौसम में शराब की तस्करी बड़े पैमाने पर होती रही है। दो मार्च को होली पर्व मनाया जाएगा। तस्कर त्योहार से पहले हरियाणा से बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी करते है। इसे लेकर आबकारी विभाग अलर्ट है। मगर, इसके बावजूद भी विभाग तस्करी नहीं हो रोक पाता है। हर वर्ष होली पर लाखों रुपये की शराब सहारनपुर के जरिए पड़ोसी जनपदों में पहुंचती है।
यह इलाके बने तस्करी की शराब के गढ़
सहारनपुर। शहर में बड़े पैमाने पर तस्करी की शराब बेची जा रही है। बताया जाता है कि गुरुद्वारा रोड, खलासी लाइन, शारदा नगर, हकीकतनगर, नुमाइश कैंप, रामनगर पठान पुरा, गोविंदनगर, चिलकाना रोड, चौधरी विहार, भूतेश्वर नगर, मल्हीपुर रोड आदि क्षेत्रों में तस्कर सक्रिय हैं। जिला आबकारी अधिकारी डीएन सिंह का कहना है कि तस्करी रोकने के लिए विभाग की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। अभियान चलाकर छापेमारी की जाएगी।