सरसावा (सहारनपुर)। कर्मचारियों को वेतन नही देने के कारण श्रमायुक्त के आदेश पर राजस्व विभाग द्वारा पिलखनी डिस्टलरी पर सील लगाने से कार्यरत कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है वहीं उनके परिवारों के भूखो मरने की नौबत आ गई है।
बता दें की शनिवार को राजस्व विभाग की टीम ने पिलखनी डिस्टलरी के बॉटलिंग प्लांट पर सील लगा दी थी। पिलखनी डिस्टलरी के श्रमिक नेता अशोक चौधरी ने बताया कि डिस्टलरी में 64 स्थायी 45 अस्थायी तथा ठेकेदारी प्रथा में करीब 450 कर्मचारी काम कर रहे है। बताया कि वेतन नही मिलने के कारण स्थायी कर्मचारियों ने जिला उप श्रमायुक्त की अदालत में मामला दायर किया। जहां से दो माह के वेतन करीब 17 लाख रुपये डिस्टलरी प्रबंधन को कर्मचारियों को देने का कहा गया। लेकिन डिस्टलरी प्रबंधन ने लगातार श्रमायुक्त के आदेश की अवहेलना की। जिसके बाद डिस्टलरी के विरुद्ध आरसी जारी कर दी गयी।
शनिवार को राजस्व विभाग की टीम ने डिस्टलरी पहुंचकर बॉटलिंग प्लांट सील कर दिया। श्रमिक नेता राकेश वत्स ने कहा कि डिस्टलरी प्रबंधन कर्मचारियों का शोषण कर रहा है तथा उनसे बंधुआ मजदूरों की तरह काम ले रहा है। श्रमिक संजय गुप्ता, नाजिम, दीपक, मांगेराम, विनोद, हुकम सिंह आदि ने बताया कि डिस्टलरी प्रबंधन उनके वेतन से लगातार भत्तों की कटौती कर रहा है लेकिन संबंधित खातों में जमा नही कर कर्मचारियों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहा है श्रमिकों ने कहा कि डिस्टलरी प्रबंधन उन्हें स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति दे दे। ताकि वे कहीं ओर अपना रोजगार कर परिवार को भरण पोषण कर सकें।