आठ साल के अहमद ने किया कुरान पाक मुकम्मल
देवबंद (सहारनपुर)। दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती आरिफ कासमी ने कहा कि अल्लाह ने कुरान को रमजान में अपने रसूल मोहम्मद साहब को उम्मत के लिए नायाब तोहफे के रुप में दिया था। मोहल्ला अबुलमाली में शनिवार रात शूजा अजीम के आठ वर्षीय बेटे अहमद सिराज द्वारा कुरान पाक मुकम्मल किए जाने पर मुफ्ती आरिफ ने कहा कि कुरान पढ़ना और सुनना ही नहीं इसे नजर भर देखने का भी बड़ा सवाब है। कुरान कयामत तक इसके पढ़ने और याद करने वालों के सीने में महफूज रहेगा। उन्होंने कहा कि कुरान को पढ़ने, सुनने के साथ इसे देखने का सवाब भी मिलता है। मुफ्ती आरिफ कासमी ने कहा कि कुरान-ए-करीम इंसानी जिंदगी का संविधान है। इसलिए सभी को चाहिए वे कुरान को अपनी जिंदगी में उतार लें और उस पर अमल करके जिंदगी गुजारें। साथ ही उन्होंने अहमद को कुरान पाक मुकम्मल करने पर उज्जवल भविष्य की कामना की और देश में अमन की दुआएं कीं।