रामकथा सुनने से मनुष्य के विकार होते हैं नष्ट : डा. महेंद्र सिंह
देवबंद (सहारनपुर)। जड़ोदाजट में आयोजित श्री रामकथा में तीसरे दिन कथा व्यास आचार्य शांतनु महाराज द्वारा श्रद्धालुओं को भगवान के लोक कल्याणकारी जन्मोत्सव के दर्शन कराए गए। बुधवार को प्रदेश सरकार के ग्राम्य विकास मंत्री डा. महेंद्र सिंह ने भी कथा का रसपान किया।
जन्मोत्सव में दिखाया गया कि भगवान शिव विवाह के पश्चात कैलाश में वटवृक्ष के नीचे बैठे है और मां पार्वती उचित अवसर जानकर भगवान शिव के निकट आई है। भगवान शिव ने सम्मानपूर्वक मां पार्वती को वाम भाग में आसन दिया। भगवान शिव ने पार्वती से कहा देवी निर्गुण और सगुण में भेद नहीं है। भगवान तो भक्तों के प्रेम के वशीभूत होते हैं। नारद मोह के प्रसंग में महाराज ने बताया कि नारद में काम, क्रोध और लोभ तीनों एक साथ बढ़ गया था। मानस रोग में इन्हीं तीनों को कफ, वात और पित्त के नाम से जाना जाता है। आचार्य शांतनु महाराज ने मनु शतरूपा का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जीवन में जब भी मनुष्य को यह लग जाए कि अब हमने अपने दायित्व को पूर्ण कर लिया तब कुछ समय भजन के लिए निकालना चाहिए। मनु शतरूपा भी राज्य अपने बच्चों को सौंपकर नैमिषारण्य में जाकर भगवान का भजन करने लगे। ग्राम्य विकास मंत्री डा. महेंद्र सिंह ने कहा कि रामकथा का श्रवण करने से मनुष्य के सभी पाप विकार नष्ट हो जाते हैं। इस तरह के आयोजन से धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ती है। इस मौके पर विधायक ब्रिजेश ंसिंह, धर्मवीर त्यागी, डा. राजकुमार रावत, पंकज त्यागी, शिवराज रोड, क्रांति सिंह, विकास त्यागी, अमित कुमार, अशोक पुंडीर, विपिन सिरोही, अजय सिंघल, बलवीर रोड, हरीश शर्मा आदि मौजूद रहे।