सहारनपुर। कांवड़ मार्ग शिवमय बन गया है। बूंदाबांदी के बीच शिवभक्त शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं। भोले के भजनों पर कांविड़ए मगन होकर झूम रहे हैं। कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। महिलाएं और बच्चे भी कांवड़ लेकर लौट रहे हैं। अभी हरियाणा, पंजाब और हिमाचल के शिवभक्त दिखाई दे रहे हैं।
अंबाला हाइवे पर शाहजहांपुर चेक पोस्ट से लेकर देहरादून रोड स्थित काली नदी पुल तक का दृश्य इन दिनों मनमोहक बना हुआ है। जगह-जगह कांवड़ शिविर लगे हैं, जहां डीजे की धुनों पर शिवभक्त जमकर नृत्य कर रहे हैं। शुक्रवार को सुबह से ही मौसम सुहाना हो गया। बूंदाबांदी होने से गर्मी से राहत मिली। बारिश के बीच कांवड़िए अपने गंतव्य की ओर तेजी से बढ़ते हुए नजर आए। महिलाएं और बच्चे भी कांवड़ लेकर लौट रहे हैं। हरियाणा के कैथल निवासी नौ वर्षीय मोनू और दस वर्षी सोनू अपनी दादी प्रेमलता के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर सहारनपुर के रास्ते अपने गंतव्य की ओर बढ़ गए। इनके अलावा अन्य महिलाएं और युवतियां भी कांवड़ लेकर आई। अभी हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कांवड़िए ही नजर आ रहे हैं। कांवड़ मार्ग पर लगे शिविरों में भी वातावरण भक्तिमय बना है। डीजे पर भगवान शंकर के भजन बज रहे हैं, जिन पर कांवड़िएं जमकर नृत्य कर रहे हैं। सेवा शिविरों में श्रद्धालु श्रद्धाभाव से शिवभक्तों की सेवा कर रहे है।
19 फीट लंबी कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्र
सहारनपुर। हरियाणा के जनपद अंबाला मोहल्ला कुम्हार मंडी निवासी मन्नी, प्रिंस, मोहित और सौरभ हरिद्वार से 19 फीट लंबी कांवड़ लेकर आए है। इन्होंने बताया कि उनकी कांवड़ 30 हजार रुपये में तैयार की गई। वह सहारनपुर के रास्ते अंबाला की ओर बढ़ गए। अभी तक जितने ही कांवड़िए सहारनपुर होकर गए हैं, उनमें यह सबसे लंबी कांवड़ थी।
देश भक्ति का दिख रहा जज्बा
सहारनपुर। कांवड़िए एक हाथ में कांवड़ और दूसरे में तिरंगा लेकर चल रहे हैं। कांवड़ के ऊपर भी तिरंगा लगाया गया है। इसके साथ ही कांवड़ शिविरों में भी तिरंगा लगा है। शिवभक्तों के देश भक्ति का जज्बा भी नजर आ रहा है। बोम बम के साथ भारत मां के जयकारे भी कांवड़ मार्ग पर गूंज रहे हैं।