स्टेडियम में बनेगा प्रदेश का पहला सिंथेटिक ट्रैक
सहारनपुर। डॉ. भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बनाया जाएगा, जिस पर साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत आएगी। सरकार की खेलो इंडिया योजना के तहत सहारनपुर को यह सौगात मिली है। खास बात यह है कि डॉ. आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम प्रदेश का ऐसा पहला स्टेडियम होगा, जिसमें सिंथेटिक ट्रैक होगा। लखनऊ और कानपुर तक के स्टेडियम में यह सुविधा नहीं है। केवल लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज में सिंथेटिक ट्रैक है।
स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक की मांग काफी पहले से उठ रही थी। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी प्रेम कुमार ने पिछले वर्ष सिंथेटिक ट्रैक की डिमांड शासन से की थी। इस संबंध में उन्होंने लखनऊ जाकर खेल निदेशालय के अधिकारियों से भी मुलाकात की थी। अंतत: उनकी मेहनत रंग लाई। शासन ने लखनऊ, कानपुर, मेरठ और इलाहाबाद सरीखे बड़े शहरों को किनारे करते हुए केवल सहारनपुर को प्राथमिकता देते हुए सिंथेटिक ट्रैक को स्वीकृति प्रदान की है। इतना ही नहीं, इसके लिए साढ़े सात करोड़ रुपये जारी किए है। यूपीपीसीएल ने ट्रैक का बजट तैयार किया है। अब केवल निर्माण एजेंसी तय होना बाकी है। एजेंसी के फाइनल होते ही सिंथेटिक ट्रैक के निर्माण कार्य शुरू होगा। माना जा रहा है कि निर्माण कार्य इसी महीने से शुरू हो जाएगा। ट्रैक को कंपलीट होने में छह से सात महीने का समय लगेगा।
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रुकेगा खिलाड़ियों का पलायन
डॉ. आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में मिट्टी का कच्चा ट्रैक है, जिसपर प्रतिदिन सैकड़ों एथलीट दौड़ लगाकर अपनी खेल प्रतिभा को निखारने का प्रयास कर रहे हैं। ट्रैक में जगह-जगह कंकरीट होने की वजह से खिलाड़ी गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं। इसके बावजूद सहारनपुर ने कार्तिक कुमार जैसा एथलीट दिया है, जिसने हाल ही में जापान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की दस हजार मीटर की दौड़ में कांस्य पदक हासिल कर जनपद और देश का नाम रोशन किया है। कोच लाल धर्मेंद्र प्रताप ने बताया कि ट्रैक सही न होने की वजह से प्रत्येक वर्ष अनेक खिलाड़ी हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तराखंड चले जाते हैं, मगर सिंथेटिक ट्रैक बनने के बाद खिलाड़ियों का पलायन रुकेगा।
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स्टेडियम के लिए सिंथेटिक ट्रैक पास हुआ है, जिसपर साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत आएगी। पूरे प्रदेश में केवल सहारनपुर को यह सौगात मिली है। सिंथेटिक ट्रैक बनने के बाद यह स्टेडियम प्रदेश का पहला सिंथेटिक ट्रैक से लैस स्टेडियम होगा। सिंथेटिक ट्रैक की मांग लंबे समय से चल रही थी। इसके लिए मैंने व्यक्तिगत रूप से लखनऊ जाकर प्रयास किए और सफलता मिली।
प्रेम कुमार, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी।