सुलह समझौते के आधार पर कराएं वादों का निस्तारण : एडीजे
सहारनपुर। सिविल कोर्ट सहारनपुर में पैरा लीगल वालंटियर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें छोटे-छोटे विवादों को समाज के लोगों की बीच ही समझौते के आधार पर समाप्त किए जाने के बारे में बताया गया।
मंगलवार को सिविल कोर्ट परिसर में आयोजित पैरालीगल वालंटियर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर जिला जज सुरेश चंद्र भारती ने कहा कि समाज में हो रहे छोटे छोटे विवादों को समाज के मध्य ही समझौते के आधार पर समाप्त कर दिया जाए तो न तो किसी को हार का गम होगा और न ही किसी को जीत की खुशी।
उन्होंने दहेज अधिनियम की जानकारी देते हुए कहा कि यह प्रथा तो शुरू से ही है पर अब कचहरी में तीन मुकदमे चल रहे है तो एक मुकदमा पति पत्नी के मध्य विवाद का है। उन्होंने पीएलवी का आहवान किया कि वे परिवारों में हो रहे झगड़ों को घर घर जाकर सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित कराएं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश पीएन भगवती ने जिस कार्य के लिए लोक अदालतों का गठन किया था, वह अपना पूर्ण रूप नहीं ले सकी और अधिक संख्या में वादों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर नहीं हो रहा है। जिसको इन पीएलवी के द्वारा पूरा किए जाने का प्रयास किया जाएगा। सिविल जज एफटीसी राजीव शरण ने घरेलू हिंसा अधिनियम की जानकारी देते हुए सरकार की ओर से महिलाओं को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। महिला न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर अपनी ससुराल में रहने का अधिकार प्राप्त कर सकती है तथा अंतरिम सहायता की भी मांग कर सकती है। सचिव सुनील कुमार सिंह ने पीएलवी को डायरी भरने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएलवी जो कार्य करेगा उसको 400 रुपये प्रतिदिन मिलेगा। उसके लिये उसको डायरी भरनी होगी उस डायरी के सत्यापन के बाद ही मानदेय दिया जाएगा। उपश्रमायुक्त बृजमोहन शर्मा ने बंधुवा मजदूरी एवं श्रम कार्यालय की योजनाओं के बारे में बताया। अशोक कुमार वालिया एडवोकेट ने संविधान, अर्पित शर्मा एडवोकेट ने भरण पोषण अधिनियम, जपनीत सिंह ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की जानकारी दी। सुशील कुमार आर्य पीएलवी ने बताया कि पीएलवी को किस प्रकार से कार्य करना है। कार्यक्रम का संचालन राजकुमार गुप्ता ने किया।