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कमिश्नर से की मदर टेरेसा स्कूल की शिकायत

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सहारनपुर। मदर टेरेसा नर्सिंग स्कूल एंड हॉस्पिटल विवादों से पल्ला नहीं छुड़ा पा रहा है। एक बार फिर छात्राओं ने कॉलेज के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इस बार कमिश्नर से शिकायत की है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एडिशनल कमिश्नर ने छात्राओं के बयान भी लिए हैं। स्कूल से जवाब तलब करने की तैयारी है।
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पिछले करीब आठ महीने से स्कूल की कुछ छात्राएं लगातार स्कूल की शिकायत अधिकारियों से कर रही हैं। दो दिन पहले कमिश्नर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी से मिली छात्राओं ने बताया कि स्कूल ने उसने पूरी तीन-तीन साल की फीस जमा कराई हुई है, जबकि उन्हें दो साल बाद ही स्कूल से निकाल दिया गया। आरोप है कि वह जब भी फीस वापसी की मांग लेकर स्कूल पहुंची तो स्कूल प्रबंधन ने उन्हें बाहर निकाल दिया। कमिश्नर मामले में एडिशनल कमिश्नर को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। एडिशनल कमिश्नर उदयीराम ने छात्राओं के बयान लिए हैं।
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अनुशासनहीनता के कारण किया बाहर : निदेशक
मदर टेरेसा स्कूल की निदेशक पलक राणा ने बताया कि जो छात्राएं शिकायत कर रही हैं अब वह स्कूल की छात्राएं नहीं रह गई हैं। वह रामपुर मनिहारान स्थित एक स्कूल से पढ़ाई कर रही हैं। बताया कि छात्राएं लगातार अनुशासनहीनता कर रही थीं। फैकल्टी के साथ अभद्र व्यवहार करना और कक्षाओं से गैरहाजिर रहना उनकी आदत बन गया था। उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर की थी, मगर कोर्ट ने भी उनकी याचिका पर सुनवाई से मना कर दिया। अब वह स्कूल को ब्लैकमेल कर पैसा एंठना चाहती हैं। कुछ छात्राएं ऐसी हैं, जिन्होंने फीस भी जमा नहीं की थी। ऐसी छात्राओं से फीस वसूली के लिए कोर्ट जाने की तैयारी है।
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मदर टेरेसा स्कूल की कुछ छात्राएं मुझसे मिली थीं। उनकी शिकायत गंभीर है। उनके बयान ले लिए गए हैं। अब स्कूल से जवाब मांगा जाना बाकी है। छात्राओं के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
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- चंद्रप्रकाश त्रिपाठी, कमिश्नर।
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