देवबंद (सहारनपुर)। फर्जी पासपोर्ट मामले में लखनऊ एटीएस की छापामारी के बाद पुलिस और स्थानीय खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने पुलिस के साथ मिलकर सर्च अभियान चलाते हुए पासपोर्ट एजेंटों की कुंडलियां खंगालने का काम शुरू कर दिया है।
देवबंद में फर्जी पासपोर्ट का गोरखधंधा उजागर होने के बाद एटीएस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसके बाद पासपोर्ट एजेंटों पर खुफिया विभाग और स्थानीय पुलिस की नजर भी टेढ़ी होने लगी है। सूत्रों के मुताबिक शासन के आदेश पर खुफिया विभाग की टीमें देवबंद क्षेत्र में पासपोर्ट एजेंटों, आधार केंद्रों के संचालकों की कुंडली खंगालने में जुट गई है। कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। बता दें कि देवबंद के गांव अंबेहटा शेख के पते पर बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन के सदस्य अब्दुल्लाह का फर्जी पासपोर्ट तैयार किया गया था। एटीएस यहां से तीन बांग्लादेशी नागरिक समेत दो पासपोर्ट एजेंटों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। फर्जी पासपोर्ट के धंधे का पर्दाफाश होने के बाद से एटीएस की टीमें पिछले कई माह से देवबंद में छापामारी कर फर्जी पासपोर्ट बनाने वालों पर शिकंजा कस रही है। इसी कड़ी में सोमवार की रात एटीएस टीम ने नगर के चार पासपोर्ट एजेंटों से घंटों पूछताछ की। शासन ने पिछले 10 वर्ष के भीतर बने पासपोर्ट की जांच के आदेश भी जारी किए हैं, जिसके बाद से पासपोर्ट एजेंटों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि पासपोर्ट एजेंटों की जांच समय-समय पर खुफिया एजेंसियों द्वारा की जाती है। देवबंद में फर्जी पासपोर्ट प्रकरण की जांच एटीएस स्वयं कर रही है। फर्जी पासपोर्ट तैयार करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।