सहारनपुर। अंबाला रोड पर हुए दिल-दहलाने वाले हादसे ने एक बार फिर व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। हादसा खड़ी बस में कार के टकराने से हुआ और पांच लोगों की जान चली गई, लेकिन जनपद के सभी हाईवे खतरे से खाली नहीं है। इन सड़कों पर जिंदगी का पल का भरोसा नहीं है। यातायात नियमों को ताक पर रखकर वाहन दौड़ाए जा रहे हैं तो कई जगहों पर हाईवे पर रात के समय पथ-प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। सड़कों के दोनों तरफ हुए अवैध कब्जे भी हादसों को न्यौता दे रहे हैं। हाईवे को जोड़ने वाले महानगर के अनेक पुलों की हालत भी खराब है। नवंबर माह को पुलिस-प्रशासन यातायात माह के रूप में मना रहा है, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जाने वाले आवश्यक कदम की तरफ से मुंह मोड़े हुए है। जिले के हाईवे की हालत देेखी तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। कहीं पथ प्रकाश की व्यवस्था नहीं मिली तो कई जगह हाईवे पर दोनों तरफ अवैध कब्जे दिखाई दिए। ओवरलोडेड वाहन धड़ल्ले से सड़क पर दौड़ाए जा रहे हैं। ऐसे में हर समय दुर्घटनाएं होने का खतरा बना है। आने वाले दिनों सर्दी में कोहरा बढ़ जाएगा। हाईवे पर रिफलेक्टर भी नहीं है। कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
अंबाला हाईवे पर जगह-जगह खतरा
सहारनपुर। बृहस्पतिवार की सुबह अंबाला हाईवे पर सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई। इस हाईवे पर जगह-जगह खतरा है। घंटाघर से लेकर बड़ी नहर तक हाईवे के दोनों तरफ सड़कों पर अवैध कब्जे हुए हैं। मेला गुघाल पुल से आगे हाईवे के बराबर में कई जगहों पर ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रालियों को रात में पार्क कर दिया जाता है। पुल पर पथ प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। कई जगहों पर सड़क किनारे लोहे की एंगल लगी है। जिनसे वाहनों के टकराने से हर समय हादसा हो सकता है। इस मार्ग पर दिन-रात ओवरलोडेड वाहन दौड़ते हैं। पुलिस-प्रशासन द्वारा ऐसे वाहनों पर कार्रवाई नहीं की जाती है।
दिल्ली-यमुनोत्री का हाल भी बुरा
सहारनपुर। दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर भी जगह-जगह खतरा दिखाई दिया। पुलिस-प्रशासन ने सड़क पर कहीं भी रिफलेक्टर नहीं लगाए हैं। इस कारण रात में सड़क के मोड़ नहीं दिखाई देते हैं। कोहरे के समय तो हालत ज्यादा खराब हो जाती है। बेहट रोड पर देहात कोतवाली से आगे इस मार्ग के दोनों तरफ रात में वाहन पार्क किए जाते हैं। पुलिस-प्रशासन द्वारा इन वाहनों को हटवाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। पथ प्रकाश की व्यवस्था इस मार्ग पर भी नहीं है। इसी तरह दिल्ली रोड पर हसनपुर चुंगी से आगे भी रात में अंधेरा रहता है। इस मार्ग पर कई जगहों पर गड्ढे हैं, जबकि मुख्यमंत्री के निर्देश पर कई बार गड्ढा मुक्त अभियान चलाया जा चुका है।
देहरादून रोड दे रही हादसों को न्यौता
सहारनपुर। पुलिस-प्रशासन की लापरवाही के कारण देहरादून रोड डैंजर जोन बन गया है। इस मार्ग पर कई जगहों पर खतरा ही खतरा है। देहरादून रोड पर स्थित ढमोला नदी के पुल के एक तरफ की फुटपाथ पुरी तरह खत्म हो चुकी है। छोटे पुल की एक तरफ की फुटपाथ पर रेहड़ी वालों ने कब्जा कर रखा है, जबकि इस पुल से रोजाना जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड के वाहन गुजरते हैं। देहरादून चौक से आगे सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं और पथ प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। सड़कों पर रिफ्लेक्टर भी नहीं लगे हैं। इसी तरह कोर्ट रोड के कचहरी पुल पर कई जगह दोनों तरफ की रेलिंग टूटी पड़ी है।
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दौड़ रही ओवरलोडेड ट्रैक्टर-ट्रालियां
सहारनपुर। ट्रैक्टर-ट्राली का उपयोग कृषि यंत्र के रूप में किया जाता है। ट्रैक्टर-ट्राली को सड़कों पर चलाने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद ओवरलोडेड ट्रैक्टर-ट्रालियों को दौड़ाया जा रहा है। रात के समय देहरादून और अंबाला रोड पर भारी संख्या में ओवरलोडेड ट्रैक्टर-ट्राली दिखाई देती हैं।