हर साल 200 अग्निकांड, जमीन में दबे फायर हाइड्रेंट
सहारनपुर। जिले में हर साल औसतन 200 से ज्यादा अग्निकांड हो रहे हैं। फायर हाइड्रेंट जमीन के नीचे दब जाने से दमकल विभाग को आग बुझाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब गर्मी बढ़ रही है, तो आग लगने की घटनाएं भी शुरू हो गई हैं।
जिले में वर्ष 2020 में ही आग लगने की 230 घटनाएं हुईं। करोड़ों रुपये की संपत्ति नष्ट हुई तो कई करोड़ की संपत्ति दमकल विभाग द्वारा बचाई गई। साथ ही 13 लोगों की जिंदगी भी बचाई गई। गर्मी बढ़ते ही आग की घटनाएं होनी शुरू हो गई हैं। चार दिन पहले ही स्टार पेपर मिल में भीषण आग लगी थी।
दफन हो गए फायर हाइड्रेंट
एक समय जिले में लगभग 65 फायर हाइड्रेंट थे। अब अंबाला रोड फायर स्टेशन और बेहट रोड फायर स्टेशन पर ही फायर हाइड्रेंट हैं। बाकी सड़कों के निर्माण और अन्य कारणों से दफन हो गए। फायर हाइड्रेंट के ऊपर दुकानें तक बन गईं, जो बचे उनमें से कुछ में प्रेशर ही नहीं रह गया। दमकल कर्मियों को ओवरहेड टैंक या जेनरेटर सुविधा वाले नलकूपों पर पानी मिल पाता है।
पांच दिन में तापमान की स्थिति
तारीख -- अधिकतम -- न्यूनतम
01 अप्रैल -- 33 ---------- 13.8
31 मार्च -- 35.2 --------- 16.5
30 मार्च -- 34.5 --------- 16.4
29 मार्च -- 34 ------------ 20
28 मार्च -- 33.2 --------- 15
जिले की स्थिति
सहारनपुर जनपद का क्षेत्रफल करीब 3,689 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें एक नगर निगम, चार नगर पालिका और छह नगर पंचायतें हैं। कुल 11 ब्लाक क्षेत्रों में 884 ग्राम पंचायतें हैं। बेहट तहसील में शिवालिक का वन क्षेत्र है। जनसंख्या करीब 39,79,403 है। जिले में गेहूं का कुल रकबा 1,11,829 हेक्टेयर है।
दमकल के संसाधन
जिले में एक फायर स्टेशन चार यूनिट का है, जबकि तहसील स्तर पर दो-दो यूनिट का है। शहर में अंबाला रोड फायर स्टेशन पर एक बड़ी और एक छोटी गाड़ी, बेहट रोड फायर स्टेशन पर एक बड़ी गाड़ी है। देवबंद में दो छोटी और एक बड़ी गाड़ी है। सरसावा में एक छोटी और एक बड़ी गाड़ी है। बेहट तहसील के लिए आवंटित दमकल गाड़ी मिर्जापुर में खड़ी रहती है। गंगोह में फायर स्टेशन स्वीकृत हुआ है, लेकिन वाहन और स्टाफ नियुक्त नहीं है, वहां एक गाड़ी सहारनपुर से भेजी हुई है। संकरी गलियों में आग लगने पर वाटर मिस्ट (छोटे वाहन) को भेजा जाता है। वहीं, बहुमंजिला इमारतों में लगी आग बुझाने के लिए हाइड्रोलिक ट्राली की मांग की गई है, लेकिन अभी मिल नहीं पाई है।
आग फैलने से रोकने को बरतें ये सावधानी
- जिस खेत में खड़ी फसल में आग लगे, उस खेत के चारों और ट्रैक्टर आदि से जुताई कर देनी चाहिए, ताकि आग आसपास के खेतों में ना पहुंच पाए। यदि खेत बड़ा है और उसके एक हिस्से में आग लगी है तो दूसरे हिस्से तक आग पहुंचने से रोकने को बीच हिस्से में जुताई करनी चाहिए।
- वन क्षेत्र में लगी आग बुझाने के लिए पेड़ की हरी टहनियां तोड़कर जमीन पर पीटी जाती हैं। इससे कई बार आग बुझ जाती है। लेकिन इससे पहले फायर ब्रिगेड को सूचना दे देनी चाहिए।
अग्निकांड की प्रमुख घटनाएं
- 30 अक्तूबर 2020 को बिहारीगढ़ क्षेत्र के गांव सतपुरा में पटाखा फैक्टरी में भीषण आग लगी।
- 30 नवंबर 2019 को पुंवारका में पटाखा फैक्टरी में आग लगने से दो युवकों की मौत हुई, कई कर्मचारी झुलस गए।
- 26 मई 2019 को चंद्र विहार कालोनी में पटाखों से विस्फोट में महिला की मौत हो गई थी।
- 11 मई 2019 को गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव छज्जपुरा में पटाखा फैक्टरी में भीषण आग लगी, जिसमें कई श्रमिक झुलसे।
- 17 मार्च 2018 को रामपुर मनिहारान में घर में ही पटाखा बनाने के दौरान आग लग गई थी, जिसमें कई लोग झुलसे थे।
सवा साल में हुए अग्निकांडों से नुकसान
वर्ष --- अग्निकांड -- जोखिम संपत्ति --- क्षति ---------- बचाई संपत्ति -- जनहानि
2020 -- 230 -------- 40,46,47,100 -- 22,15,63,500 -- 18,30,83,600 -- 04
2021--- 47 --------- 4,76,35,120 ---- 73,09,000 ------ 4,03,26,120 ---- 00
लोगों को समय-समय पर अग्निकांड से बचाव को लेकर जागरूक किया जाता है। उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने का कार्य किया जा रहा है। ऊंची इमारतों में आग बुझाने के लिए हाइड्रोलिक ट्राली मंगाने का प्रस्ताव भेजा हुआ है।
- तेजवीर सिंह, सीएफओ