सहारनपुर। नौ साल की बालिका के साथ दुष्कर्म का दोष सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश पोक्सो एक्ट कक्ष संख्या-13 शबीह जेहरा ने पाजरायपुर निवासी तनवीर को 20 साल की कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक विवेक कौशिक ने बताया कि थाना बेहट अंतर्गत एक ग्राम के निवासी ने 23 जून 2018 को तहरीर दी कि वो और उसकी पत्नी मजदूरी करने गए हुए थे। घर पर नौ वर्षीय पुत्री थी। रात को रिश्ते का साढू तनवीर घर पर आया और वहीं रुक गया। रात दो बजे लड़की के साथ दुष्कर्म किया। अगले दिन जब पीड़िता के मां बाप घर पहुंचे तो लड़की ने रोते हुए सारी बात बताई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर तनवीर के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना उपरांत दुष्कर्म और 3/4 पोक्सो में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के उपरांत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोषी पाते हुए तनवीर को 20 वर्ष के कारावास और 20 हजार के अर्थदंड लगाया है।
दो सगे भाइयों को पांच साल का कारावास
सहारनपुर। गंभीर चोट पहुंचाकर मानव वध करने का प्रयास का दोष सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-एक ललित नारायण झा ने मोहल्ला छत्ता थाना गंगोह निवासी दो सगे भाइयों को पांच वर्ष के कारावास तथा दस-दस हजार के अर्थदंड से सजा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता सोनवीर सिंह ने बताया 10 अगस्त 2013 को मोहल्ला छत्ता थाना गंगोह निवासी सोम दुकान से आटा लेने गया। वहीं गली में नेमपाल ,महावीर, रोहतास ने सोम पर थाने में शिकायत करने का आरोप लगाते हुए तेजधार हथियार से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। मामले की रिपोर्ट सोम के भाई नवीन किशोर ने थाना गंगोह में दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना उपरांत नेमपाल, महावीर और रोहताश के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के बाद साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोषी पाते हुए नेमपाल व महावीर को में पांच वर्ष के कारावास और दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। रोहताश की मौत हो गई थी।