बड़गांव (सहारनपुर)। नानौता ब्लाक के बड़गांव में बुखार अपना कहर बरपा रहा है। एक महीने में जानलेवा बुखार से करीब 20 मौतें हो चुकी है। एक या दो दिन छोड़कर लगातार हो रही मौतों से गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बुखार से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई उपाय नहीं किया गया है।
पंचायत चुनाव के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैंप लगाकर कोविड जांच की गई थी जिसमें करीब एक दर्जन लोग कोरोना संक्रमित मिले थे। इन्हें घर पर ही आइसोलेट कर उपचार दिया गया। कोरोना से तो लोगों ने पार पा लिया लेकिन बुखार से जिंदगी की जंग हार गए। गांव में सबसे पहले एक माह पूर्व मिस्त्री भुरू (45) की मौत हुई। इसके बाद प्रेम सिंह (58) की मौत हो गई। इसके बाद मौतों का सिलसिला चल निकला। पूर्व प्रधान चन्दू राम (85), सतपाल कश्यप (56), श्रीराम (85), कैलाशो (80), दीपा (58), गोपाल (66), मास्टर उमेश (72), निर्मल सिंह(75), कैलासी देवी(90), मतीना (74), असलम (46) सहित करीब बीस लोग बुखार से मर चुके हैं।
नवनिर्वाचित प्रधान नीलम राणा के पति शिवकुमार सिंह कहते हैं कि उन्होंने अपने स्तर पर सफाई अभियान चलाते हुए सैनिटाइजेशन भी कराया है। गांव के रिषीपाल राणा, मुकेश राणा का कहना है कि इस महीने में गांव में 20 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग ने कोई सुध नहीं ली है। पीएचसी में चिकित्सक तक नहीं है। फार्मासिस्ट के सहारे ही अस्पताल चल रहा है। प्रमोद कुमार ने बताया कि ग्रामीण वैक्सीनेशन कराने के लिए हर रोज अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं।
होम्योपैथिक चिकित्सक दे रहे इम्यूनिटी बढ़ाने की दवाई
बड़गांव प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रिजवान अली की तैनाती है। वे कोविड संक्रमण से निपटने को इम्यूनिटी बढ़ाने की दवाई वितरित कर रहे हैं। डॉ. रिजवान ने बताया कि उन्होंने क्षेत्र के ईट भट्टों पर भी जा कर वहां काम कर रहे मजदूरों और उनके परिवारों को उक्त दवाई देने का काम किया है।
नानौता ब्लाक के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि इतनी संख्या में मौतों का मामला उनकी जानकारी में नहीं है। इनमें कुछ स्वाभाविक मौतें भी हुई होंगी। जहां जहां कोरोना संक्रमण के मामले मिल रहे हैं। वहां जांच करा दवाई वितरित कराई जा रही है। वे बड़गांव में टीम भेज कर बुखार की स्थिति की जांच कराने का काम करेंगे। कोविड वैक्सीनेशन कराने का मामला उच्चाधिकारियों के स्तर का है।