आठ करोड़ के प्लान से बदलेगी टीपी नगर की सूरत
सहारनपुर। लगातार अनदेखी की वजह से करीब 12 साल से बदहाल पड़े ट्रांसपोर्ट नगर की सूरत अब संवर सकती है। सहारनपुर विकास प्राधिकरण ने ट्रांसपोर्ट नगर में विकास कार्य कराने के लिए आठ करोड़ रुपये का बजट पास किया है। सीसी सड़कों के निर्माण का कार्य शुरू करा दिया गया है।
बता दें कि विकास प्राधिकरण ने करीब 12 वर्ष पहले ट्रांसपोर्ट नगर को बसाया था। मगर शुरूआती विकास कार्य कराने के बाद विकास प्राधिकरण ने ट्रांसपोर्ट नगर की ओर मुड़कर नहीं देखा। इसी वजह से शहर के ज्यादातर ट्रांसपोर्टर यहां शिफ्ट नहीं हो सके थे। करीब तीन साल पहले प्रशासन ने सख्ती के साथ ट्रांसपोर्टर्स को टीपी नगर में शिफ्ट कराया। अब हालत ऐसी है कि यहां की सड़कें लगभग खत्म हो चुकी हैं। पथ प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है। साथ ही सुरक्षा के लिए बनी बाउंड्रीवॉल भी जगह-जगह से टूटी है। इसकी वजह से यहां के ट्रांसपोर्टरों के दफ्तरों से कई बार चोरियां हो चुकी हैं। ट्रांसपोर्टर लगातार विकास प्राधिकरण और अन्य अधिकारियों से सुधार की गुहार लगाते आ रहे थे। पिछले दिनों विकास प्राधिकरण के वीसी सुखलाल भारती ने अपनी टीम के साथ टीपी नगर का दौरा किया था। इसके बाद ही अब सुधार कार्यों का प्लान तैयार किया गया है।
----------
ट्रांसपोर्ट नगर में यह होंगे काम
विकास प्राधिकरण ने सबसे पहले ट्रांसपोर्ट नगर की सभी सड़कों को सीसी बनवाने का निर्णय लिया है। सभी सड़कों की लंबाई करीब साढ़े पांच किलोमीटर है। सड़कों के निर्माण का कार्य शुरू करा दिया गया है। इसके अलावा पथ प्रकाश के लिए एलईडी लाइटें लगेंगी। चारदीवारी को दुरुस्त कराया जाएगा। साथ ही जगह-जगह संकेतक लगाए जाएंगे, जिनसे यह पता चल सकेगा कि कौन सा प्लॉट नंबर किस जोन में है। इसके कायाकल्प के लिए अन्य कई कार्य भी कराए जाएंगेे।
--
सुरक्षा के लिए रखे जाएंगे गार्ड
ट्रांसपोर्टनगर में चोरी की घटनाएं न हों। इसके लिए विकास प्राधिकरण गेट पर गार्ड रखवाएगा, जो ट्रांसपोर्टनगर में आने जाने वालों पर नजर रखेंगे। इसके अलावा राकेश केमिकल चौकी भी टीपी नगर से सटी है। यहां की पुलिस की निगरानी भी रहेगी।
------
ट्रांसपोर्ट नगर में सड़कों के निर्माण, पथ प्रकाश व्यवस्था और अन्य कार्यों के लिए आठ करोड़ का बजट रखा गया है। कार्य शुरू करा दिए गए हैं। कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखी जा रही है। कोशिश यही है कि ट्रांसपोर्टर्स को किसी तरह की परेशानी न हो। - सुखलाल भारती, वीसी, एसडीए।