सहारनपुर। कम लागत और अच्छे उत्पादन के चलते जनपद के किसानों में सरसों की खेती के प्रति क्रेज बढ़ गया है। जिले में जहां गत वर्ष 1057 हेक्टेयर सरसों का रकबा था वह इस बार बढ़कर 1270 हेक्टेयर हो गया है।
रबी में किसानों का रुझान सरसों की खेती की ओर बढ़ रहा है। इसके चलते ही गत वर्ष की अपेक्षा सरसों के क्षेत्रफल में करीब 200 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। गांव नन्दी फिरोजपुर के किसान प्रदीप नंबरदार और बिडवी के किसान सुुधीर कुुमार आदि का कहना है कि सरसों के प्रति रुझान बढ़ने का बड़ा कारण इसकी कम लागत और अच्छा उत्पादन होना है। इसमें सिंचाई के अलावा उर्वरकों की भी गेहूं की अपेक्षा कम आवश्यकता होती है। साथ ही बाजार में रेट भी अधिक प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा बसंतकालीन गन्ना बुआई करने वाले किसान भी सरसों की खेती को प्राथमिकता देते हैं।
जिले में सरसों का क्षेत्रफल बढ़कर 1270 हेक्टेयर हो गया है। किसानों में सरसों की खेती के प्रति क्रेज बढ़ा है। इसमें गेहूं की तुलना में लागत भी कम आती है। साथ ही सिंचाई की आवश्यकता भी कम ही होती है। यही कारण है कि जनपद के किसानों का रुझान सरसों की खेती की तरफ बढ़ रहा है।
--- राकेश बाबू, उप निदेशक कृषि।
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जनपद में सरसों का रकबा हेक्टेयर में
तहसील------------------क्षेत्रफल
सदर----------------------250
रामपुर मनिहारान---------190
देवबंद---------------------180
नकुड----------------------240
बेहट-----------------------410