सरसावा (सहारनपुर)। जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने कहा कि किसानों को ब्याज सहित गन्ना मूल्य भुगतान कराया जाएगा। इसके लिए शासन को पत्र लिखा जा चुका है। उन्होंने भुगतान करने में कोताही बरतने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध एफआईआर कराने के आदेश दिए।
मंगलवार को किसान सहकारी चीनी मिल सरसावा परिसर में एजीएम का आयोजन किया गया। छह सूत्री एजेंडे पर आधारित एजीएम में किसानों ने गन्ना बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जब मिल लाभ उठाकर चीनी बेचती है तो किसानों को कोई लाभ नहीं मिलता है और आज अगर चीनी का बाजार मंदा है तो किसानों को गन्ने का भुगतान तक नहीं किया जा रहा है। एजीएम में मिल की क्षमता दोगुनी करने तथा पुरानी मशीनरी को बदलकर नई तकनीक पर आधारित मशीनें लगाने पर भी सहमति बनी। किसानों ने स्वेच्छा से कहा कि मिल के विस्तार तथा आधुनिकीकरण के लिए वह गन्ना मूल्य में से तय कटौती पर तैयार हैं बशर्ते मिल प्रबंधन ईमानदारी तथा पारदर्शिता से कार्य कराये। एजीएम के पश्चात किसी मुद्दे का लेकर किसानों तथा मिल के प्रधान प्रबंधक चेतन शर्मा के बीच मामूली नोकझोंक भी हुई। एजीएम के समापन पर जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने किसानों के सवालों के उत्तर दिए। उन्होंने कहा कि मिल के लिए प्रदेश सरकार से करीब 10 करोड़ का बजट प्राप्त हुआ है। साथ ही गन्ना भुगतान के लिए सरकार को पत्र लिखा जा चुका है। उन्होंने भुगतान में कोताही बरतने वाली मिलों के खिलाफ एफआईआर करने के आदेश दिए। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी आदि रहे।
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सूचना नहीं होने से कुर्सियां खाली रहीं
मिल प्रबंधन द्वारा समय पर एजीएम की सूचना नहीं दिए जाने के कारण किसानों की संख्या कम रही जिसके कारण एजीएम हॉल में कुर्सियां खाली रही। मौके पर मौजूद किसानों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने रोष से बचने के लिये ऐसा किया है। वर्षों से मिल में काम कर रहे दैनिक मजदूरों ने एजीएम में शामिल किसानों के बीच अपनी अपील के पर्चे भी बांटे। जिसमें उन्हें ठेकेदारी में ना दिखाकर मिल के दैनिक कर्मचारी मानने की मांग की गई।