सहारनपुर। पांवधोई नदी को अविरल बनाने के लिए चल रही कवायद को गति मिलने की उम्मीद जगी है। दरअसल, नदी में डलने वाले सीवर और नालों के पानी को साफ करने के लिए शहर में एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) लगाए जाएंगे, जिनके लिए शासन ने सौ करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है। नगर निगम अधिकारियों की मानें तो नदी से शिल्ट निकालने के बाद दूसरे चरण में नदी में डलने वाले नालों और सीवर पर काम किया जाएगा।
लोगों द्वारा कचरा डाले जाने तथा नालों और सीवर के मुंह नदी में खुले होने की वजह से पांवधोई लगातार दूषित हो रही है। नदी के गंदा होने की एक प्रमुख वजह प्रशासन और नगर निगम द्वारा इसकी अनदेखी करना भी है। अब प्रशासन ने सात जुलाई से नदी की सफाई के लिए महाअभियान शुरू किया है। दावा किया जा रहा है कि प्रत्येक शनिवार को सफाई कर्मियों और जेसीबी की मदद से नदी की सफाई कराई जाएगी। बता दें कि सीवर और नाले भी नदी को गंदा करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। कुछ समय पहले प्रशासन की ओर से एसटीपी बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें धन की मांग की गई थी। शासन ने मांग को मानते हुए सौ करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह धन छोटे नालों को बड़े नालों के साथ लिंक करने तथा नालों और सीवर के पानी को साफ करने पर खर्च किया जाएगा। इसके लिए शहर में एसटीपी बनाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि नदी से शिल्ट हटाने के बाद दूसरे चरण में नदी में गिरने वाले सीवर और नालों पर काम होगा।
पांवधोई नदी की सफाई के लिए अभियान शुरू हो चुका है। हम प्रत्येक शनिवार को सफाईकर्मी और मशीनें लगाकर अभियान को गति देंगे। इसके अलावा नदी में गिरने वाले नालों और सीवर के पानी को साफ करने के लिए शहर में एसटीपी बनाए जाने हैं, जिनके लिए सौ करोड़ रुपया जारी हो चुका है। दूसरे चरण में सीवर और नालों के पानी को साफ करने पर काम होगा।
- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।