जांच में खुलेगी गड्ढा मुक्त अभियान की पोल
सहारनपुर। प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिले में दो बार गड्ढा मुक्त अभियान चलने के बावजूद सड़कों की हालत खस्ता है। इसी को देेखते हुए शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गड्ढा मुक्त की गई सड़कों की जांच के लिए कमेटी का गठन किया है। जांच पड़ताल में गड्ढा मुक्त अभियान की हकीकत सामने आएगी। इससे संबंधित विभागों के अधिकारियों की बेचैनी बढ़ गई है।
प्रदेश में भाजपा की योगी आदित्यनाथ सरकार बनने के बाद सूबे सहित जनपद में सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाया गया। लोक निर्माण विभाग, विकास प्राधिकरण, नगर निगम एवं अन्य कार्यदायी एजेंसियों ने जून माह में जनपद की सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने का दावा किया। लेकिन, कुछ दिनों बाद ही सड़कों में फिर गड्ढे बन गए। अगस्त माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर का दौरा किया तो एक सप्ताह के भीतर सरकारी तंत्र ने दिन-रात एक कर सड़कों को दोबारा गड्ढा मुक्त कराया। मगर, कुछ दिनों बाद ही फिर सड़कों की हालत खराब होती चली गई। अब जनपद के मुख्य मार्गों सहित शहर के तमाम इलाकों में सड़कों में जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। इस कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
उधर, विभागीय सूत्र बताते हैं कि सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसकी वजह से सड़कें टूट गई। इसकी शिकायतें जनप्रतिनिधियों और तमाम संगठनों ने प्रदेश सरकार से की। इसी को देखते हुए शासन के निर्देश पर डीएम पीके पांडेय ने गड्ढामुक्त सड़क अभियान की हकीकत जाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है, जो सड़कों के गड्ढों की जांच करेगी। इसको लेकर लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, विकास प्राधिकरण सहित कार्यदायी एजेंसियों के अधिकारियों में खलबली मची हुई है। क्योंकि, जांच में कई अधिकारी भी फंस सकते हैं। मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन ने बताया कि गड्ढामुक्त सड़कों की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी जाएगी।