हंसते-हंसाते कराया पिता पुत्र के अनूठे नाते का एहसास
सहारनपुर। थियेटरवाला ट्रस्ट की ओर से पहली बार सहारनपुर में मंचित किए गए नाटक ‘पिंटू को हो गया’ ने दर्शकों पर छाप छोड़ी। यह म्यूजिकल कॉमेडी ड्रामा था, उसके भीतर पिता का महत्व छिपा था। पूरे नाटक में लोग हंसते नजर आए, मगर एक संदेश भी लेकर बाहर निकले कि पिता के जीते जी उनका महत्व समझ लेना चाहिए। यह नाटक दर्शकों को हंसते-हंसाते हुए पिता और पुत्र के अनूठे नाते को एहसास कराने में कामयाब रहा।
आईपीटी सभागार में आयोजित नाटक का शुभारंभ योगेश दहिया और गलोकल यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि सज्जाद ने किया। नाटक में पिता की भूमिका में रतनलाल रहे, जबकि उनके बेटे की भूमिका नाटक के निदेशक ब्रिजेश कर्णवाल ने निभाई। नाटक में दिखाया गया कि कैसे बेटे केे पिता की सीख और अच्छी बातें भी बुरी लगती हैं, मगर जब बेटा खुद एक दिन बाप बनता है और वही स्थिति उसके सामने आती है। साथ ही उसका पिता भी सिर पर नहीं रहता है तब उसे अपने पिता का महत्व और उसकी बातों का अहसास होता है। नाटक का विषय गंभीर होने के बावजूद कहीं भी दर्शक बोर नहीं हुए, क्योंकि पिंटू को हो गया कहानी का नाट्य रूपांतरण इतना खूबसूरत रहा कि लोग शुरू से आखिर तक हंसते नजर आए। नाटक देखकर बाहर निकले वरिष्ठ रंगकर्मी जावेद खान सरोहा ने कलाकारों के अभिनय को सराहा।
वरिष्ठ रंगकर्मी दिनेश तेजान और रविंद्र तेजान ने दावा किया कि इससे बेहतर नाटक पहले सहारनपुर में नहीं हुआ होगा। नाटक में रतनलाल और ब्रिजेश कर्णवाल के अलावा नसरीन उस्मानी, मधुर कुमार, दीपक शाह, पिंकी, प्रदीप अधिकारी ने दमदार अभिनय किया। संगीत मृत्युंजय पांडेय का रहा, जबकि लाइट और ध्वनि सौरभ रंगकर्मी की रही। ब्रिजेश ने बताया कि नाटक में सभी कलाकार मुम्बई से थे। उन्होंने बताया कि सहारनपुर से पहले पिंटू को हो गया के 34 मंचन मुम्बई, नैनीताल, जयपुर और अन्य जगहों पर हुए हैं।
शहर की प्रतिभाओं को सम्मानित किया
नाटक के बाद शहर के ऐसे लोगों को सम्मानित किया गया, जो अलग-अलग क्षेत्र में बेहतर काम कर रहे हैं। सम्मानित होने वालों में चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर सेवा देने वाले वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी, कचरा बीनने वाले बच्चों के लिए स्कूल चलाने वाले अजय सिंघल, राजीव उपाध्याय और रंगकर्मी रविंद्र तेजान आदि शामिल रहे। इनको ब्रिजेश कर्णवाल, मानसी के अध्यक्ष केके गर्ग, डॉ. निलांजना किशोर आदि के द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।